भारत में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जिसे ‘मुहूर्त डिलीवरी’ कहा जाता है। यह प्रथा पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है, जहां माता-पिता अपने बच्चे का जन्म एक शुभ मुहूर्त और खास तारीख पर करवाने के लिए डॉक्टरों से अनुरोध करते हैं। इस लेख में हम इस ट्रेंड के कारणों और इससे जुड़े संभावित खतरों पर चर्चा करेंगे।
मुहूर्त डिलीवरी का अर्थ क्या है?
मुहूर्त डिलीवरी का मतलब है कि माता-पिता अपने बच्चे के जन्म के लिए एक खास तारीख और समय चुनते हैं। यह समय ज्यादातर ज्योतिषियों और पुजारियों की सलाह पर तय किया जाता है, ताकि बच्चे का जन्म एक शुभ और फलदायी समय पर हो सके। डॉक्टर इस समय को एक मोटे अनुमान के रूप में स्वीकार करते हैं, लेकिन वे यह सुनिश्चित करते हैं कि मां की मेडिकल स्थिति स्थिर हो और डिलीवरी से पहले कोई इमरजेंसी न हो।
सी-सेक्शन का बढ़ता चलन
मुहूर्त डिलीवरी का सबसे बड़ा कारण सी-सेक्शन डिलीवरी की बढ़ती निर्भरता है। कई महिलाएं खासकर पहली बार मां बनने वाली महिलाएं, पहले से सी-सेक्शन का विकल्प चुनती हैं। इस स्थिति में वे चाहते हैं कि बच्चे का जन्म एक शुभ समय पर हो, ताकि उनके बच्चे का भाग्य भी शुभ हो सके। डॉक्टर बताते हैं कि यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह ट्रेंड अब ज्यादा बढ़ गया है।
भाग्य का निर्धारण: वास्तविकता या भ्रांति
मुहूर्त डिलीवरी के पीछे जो धारणा काम कर रही है, वह यह है कि यदि बच्चे का जन्म एक शुभ मुहूर्त पर हो, तो उसका भाग्य अच्छा होगा। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ एक मिथक है, और बच्चे के भविष्य का निर्धारण उसके जन्म के समय से ज्यादा उसकी सेहत और देखभाल पर निर्भर करता है। फिर भी बहुत से लोग इस धारणा को मानते हैं और इसे अपनाने के लिए तैयार रहते हैं।
क्या मुहूर्त डिलीवरी मां और बच्चे के लिए खतरा है?
एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि अगर मुहूर्त डिलीवरी का निर्णय मेडिकल परिस्थितियों के खिलाफ लिया जाए, तो इससे मां और बच्चे दोनों के लिए खतरे हो सकते हैं। यदि कोई महिला बच्चे के स्वाभाविक जन्म के दौरान सी-सेक्शन का विकल्प चुनती है, तो यह मां के लिए संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा अगर बच्चा समय से पहले जन्म लेता है, तो उसे NICU (नवजात इंटेंसिव केयर यूनिट) में रखा जा सकता है, जो स्वास्थ्य जोखिम को बढ़ाता है।
क्या डॉक्टरों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है?
कुछ अस्पतालों ने मुहूर्त डिलीवरी के अनुरोधों को ठुकरा दिया है, खासकर जब यह मेडिकल परिस्थितियों के खिलाफ हो। डॉक्टरों का कहना है कि वे केवल सुरक्षित और हेल्दी डिलीवरी को प्राथमिकता देते हैं। वे इसे तभी स्वीकार करते हैं जब यह मेडिकल रूप से संभव हो और मां और बच्चे की सेहत पर कोई जोखिम न हो।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
