डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जो लाखों लोगों को प्रभावित करता है और इसका प्रभाव शरीर पर बहुत गहरा पड़ता है। इस बीमारी के चलते मरीजों को हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। डायबिटीज और हार्ट अटैक के बीच एक गहरा संबंध है, जो अगर अनदेखा किया जाए तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को हार्ट अटैक आने से पहले कौन से संकेत मिल सकते हैं और डॉक्टर का क्या कहना है इस बारे में।
डॉक्टर का क्या कहना है
डॉक्टर संकेत गर्ग, जो एक मेरठ बेस्ड हार्ट स्पेशलिस्ट हैं, ने हेल्दी पॉडकास्ट नामक शो में कहा कि डायबिटीज पहले से ही एक गंभीर बीमारी है, और अगर इसका इलाज सही तरीके से न किया जाए या जीवनशैली में बदलाव न किया जाए, तो हार्ट अटैक की संभावना बढ़ सकती है। डॉक्टर का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को हार्ट अटैक आने से पहले कुछ साइलेंट वॉर्निंग सिग्नल्स मिलते हैं, जिन्हें पहचानना जरूरी होता है। ये संकेत अक्सर लोगों को समझने में मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन इनपर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण है।
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हार्ट अटैक से पहले मिल सकते हैं ये 3 संकेत
चलते-चलते सांस अटकना
डायबिटीज के मरीजों को अगर चलते वक्त सांस लेने में कोई दिक्कत हो रही हो या सांस अटकने जैसा महसूस हो, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। यह लक्षण हार्ट अटैक के पहले हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
छाती में दबाव
अगर डायबिटीज के मरीजों को अपनी सामान्य दिनचर्या के दौरान भी छाती में दबाव या प्रेशर का अहसास हो, तो यह भी हार्ट अटैक का एक संकेत हो सकता है। यह लक्षण अक्सर मरीजों को कम गंभीर लगता है, लेकिन इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
एसिडिटी और गैस
डायबिटीज के मरीजों को अक्सर पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या होती है। अगर यह समस्या बढ़ जाए या अनियंत्रित हो जाए, तो यह हार्ट अटैक का एक और संकेत हो सकता है। पेट में जलन और एसिडिटी का अनुभव करना गंभीर हो सकता है, खासतौर पर डायबिटीज मरीजों के लिए।
कब जाएं डॉक्टर के पास
डॉक्टर संकेत गर्ग के अनुसार डायबिटीज के मरीजों को हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण दिखने की संभावना नहीं होती है। इसलिए जब भी ये साइलेंट लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अगर किसी भी प्रकार का लक्षण महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर स्थिति का सही आकलन करें। समय रहते इलाज करने से हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
