हाल ही में बर्ड फ्लू के मामलों में वृद्धि होने के कारण पॉल्ट्री उत्पादों पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) भी कहा जाता है, एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों में होती है, लेकिन यह इंसानों में भी फैल सकती है। इस वायरस के फैलने के कारण लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अंडे खाने से बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ सकता है? चलिए इसके बारे में जानते हैं।
क्या अंडे से बर्ड फ्लू फैल सकता है
बर्ड फ्लू का वायरस मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों की लार, नाक के स्राव, और मल के जरिए फैलता है। यदि कोई मुर्गी बर्ड फ्लू से संक्रमित है, तो उसके अंडों में भी वायरस का संक्रमण हो सकता है। हालांकि यह केवल कच्चे या अधपके अंडों के सेवन से हो सकता है, क्योंकि अच्छे तापमान पर पकाए गए अंडों में वायरस का नष्ट होना सुनिश्चित है।
कच्चे अंडों से ज्यादा खतरा
कच्चे या अधपके अंडों में बर्ड फ्लू वायरस की मौजूदगी का खतरा ज्यादा रहता है। वायरस ठंडे वातावरण में कुछ समय तक जीवित रह सकता है, लेकिन जब अंडे को 70°C या उससे अधिक तापमान पर पकाया जाता है, तो यह वायरस पूरी तरह नष्ट हो जाता है। इसलिए कच्चे अंडे खाने से बचना चाहिए और अंडों को अच्छे से पकाकर ही सेवन करना चाहिए।
अंडे खाने से बचना चाहिए या नहीं
बर्ड फ्लू के प्रकोप के दौरान कई लोग अंडे और चिकन खाने से डरते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंडों को पूरी तरह से पका लिया जाए, तो इन्हें खाने से कोई खतरा नहीं होता। उबले हुए अंडे या अच्छे से तले और पकाए गए अंडे खाने से बर्ड फ्लू का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
सावधानियां जो रखनी चाहिए
ताजे और साफ अंडे खरीदें
हमेशा ताजे अंडे खरीदें और सुनिश्चित करें कि अंडों का बाहरी खोल साफ हो।
अंडों को अच्छी तरह से पकाएं
हमेशा अंडों को अच्छी तरह से उबालें या तले। कच्चे या अधपके अंडे से बचें।
संक्रमित इलाकों से अंडे खरीदने से बचें
अगर आप किसी संक्रमित इलाके में रहते हैं, तो उस क्षेत्र से अंडे खरीदने से बचें।
हाथों की सफाई रखें
खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह से धोना सुनिश्चित करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
