देश में अब लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ मरीजों को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार मिल गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके अनुसार मरीज अब सीधे आयोग के पास जाकर डॉक्टरों की लापरवाही या दुराचार के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। पहले मरीज केवल राज्य आयुर्विज्ञान परिषद (SMC) में ही शिकायत कर सकते थे, लेकिन अब वे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी शिकायत दायर कर सकते हैं।
क्या है नया फैसला
एनएमसी के सचिव डॉ. बी. श्रीनिवास ने बताया कि यह निर्णय 2023 में आयोग की बैठक में लिया गया था। इस फैसले के तहत यदि मरीज राज्य आयुर्विज्ञान परिषदों के फैसले से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के नैतिकता और आयुर्विज्ञान पंजीकरण बोर्ड (EMRB) में अपील कर सकते हैं। यह फैसला मेडिकल क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
मरीजों को मिलेगा न्याय का मार्ग
इस फैसले से उन मरीजों को राहत मिलेगी जो डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गंभीर परिणाम भुगतते हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। अब मरीजों को शिकायत करने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। यदि वे राज्य स्तर पर संतुष्ट नहीं होते, तो राष्ट्रीय आयोग में जाकर अपनी बात रख सकते हैं।
डॉक्टरों की लापरवाही पर असर
यह फैसला डॉक्टरों के लिए भी एक चेतावनी है। अब उन्हें अधिक जिम्मेदारी से काम करने के लिए बाध्य किया जाएगा। किसी भी मरीज के साथ लापरवाही का परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर हो सकता है। यह निर्णय डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक मजबूत कदम साबित होगा, जिससे उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास होगा।
