प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का बहुत ही खास पल होता है। इस दौरान उनके शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं लेकिन कई बार महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती हैं और उन्हें पता नहीं चलता। ऐसे में वह कंफ्यूज रहती हैं। आपकी कंफ्यूजन को दूर करते हुए बता दें कि गर्भधारण करने के एक से 2 हफ्ते के अंदर ही इसके शरीर में लक्षण दिखने लगते हैं हालांकि यह हर महिला के शरीर में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में बिल्कुल भी लक्षण नहीं दिखते तो वहीं कुछ को पीरियड्स में देरी होने के साथ ही बाकी लक्षण शरीर में दिखने लगते हैं।
सिरदर्द और सूजन
प्रेग्नेंसी में आपके भ्रूण पर एक दीवार बन जाएगी जिससे आपको हल्की ऐंठन हो सकती है। गर्भवस्था के हार्मोन सूजन का कारण भी बन सकते हैं। इसके अलावा हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव के चलते सिरदर्द भी हो सकती है।

इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग
प्रेग्नेंसी के 1-2 हफ्ते के बाद इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग होने लगती है। इसके कारण आपको ब्लीडिंग या थोड़ी मात्रा में गुलाबी रंग का स्नाव हो सकता है।
मॉर्निंग सिकनेस
कंसीव करने के बाद महिलाएं जब भी सुबह उठती हैं तो आपको उल्टी या मतली जैसा लग सकता है। यह दिन में किसी भी समय हो सकता है। खासतौर पर यह समस्या हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। ऐसा लक्षण यदि शरीर में दिखे तो प्रेग्नेंसी टेस्ट जरुर करवाएं। यह उल्टी या मतली आपको किसी भी समय हो सकती है। प्रेग्नेंसी में हार्मोन भी मूड स्विंग्स होते रहते हैं।
थकान
कंसीव हो जाने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव भी होते हैं। ऐसे में इसके कारण आपको थकान और कमजोरी हो सकती है। यदि आपके पीरियड्स खत्म होने के बाद बहुत थकान हो तो यह प्रेग्नेंसी का संकेत होगा।
बार-बार पेशाब आना
पीरियड्स खत्म होने के बाद आपको बार-बार यूरिन आ रहा है तो यह भी कंसीव का ही लक्षण है। प्रेग्नेंसी में यूट्रस का आकार बढ़ जाता है इसके चलते ब्लैडर पर बहुत दबाव पड़ता है ऐसे में इसके कारण आपको बार-बार पेशाब आ सकता है।
ब्रेस्ट में बदलाव
कंसीव होने के बाद आपको ब्रेस्ट में भी बदलाव दिख सकते हैं। अगर आपको ब्रेस्ट में भारीपन, सूजन या दर्द हो तो यह भी प्रेग्नेंसी का शुरुआती लक्षण हो सकता है। निपल्स का रंग गहरा होना, निपल्स की स्किन पूरी तरह से बदलना जैसे लक्षणों को इग्नोर न करें और डॉक्टर से कंसल्ट जरुर करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
