कॉकरोच से डर तो सभी को लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटे जीव भविष्य में एक बेहतरीन सुपरफूड बन सकते हैं? जी हां हम बात कर रहे हैं कॉकरोच के दूध की, जो अब सुर्खियों में है। एक भारतीय वैज्ञानिक ने इस अद्भुत दूध की खोज की है, जो गाय या भैंस के दूध से भी ज्यादा फायदेमंद बताया जा रहा है।
कॉकरोच का दूध: क्यों है यह खास
कॉकरोच का दूध खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लैक्टोज इन्टॉलेरेंट हैं। क्योंकि यह दूध लैक्टोज फ्री होता है, जिससे दूध को पचाने में कोई समस्या नहीं होती। इसके साथ ही इसमें प्रोटीन, गुड फैट्स और अमिनो एसिड्स की अधिक मात्रा पाई जाती है, जो इसे बेहद पौष्टिक बनाती है।
कौन सी कॉकरोच प्रजाति देती है दूध
कॉकरोच के दूध का स्रोत पैसिफिक बीटल प्रजाति है, जिसे वैज्ञानिकों ने डिप्लोप्टेरा पंक्टाटा नाम से पहचाना है। यह प्रजाति बाकी कॉकरोचों की तरह अंडे नहीं देती, बल्कि अपने बच्चों को दूध पिलाती है। इस दूध में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे को लंबे समय तक जवान रखने में मदद करते हैं।
कॉकरोच के दूध में क्या है खास
वैज्ञानिकों के मुताबिक कॉकरोच के दूध में प्रोटीन क्रिस्टल नामक एक धातु पाई जाती है, जो प्रोटीन, फैट और शुगर से मिलकर बनी होती है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस दूध में भैंस के दूध से तीन गुना ज्यादा ऊर्जा होती है। इसमें अमिनो एसिड्स की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है।
कॉकरोच का दूध कैसे मिलेगा
हालांकि यह दूध अभी तक व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ कंपनियों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। गुर्मे ग्रब नामक कंपनी दक्षिण अफ्रीका में कीड़े-मकौड़ों का दूध बना रही है। उनका दावा है कि इस दूध का स्वाद पीनट बटर, चॉकलेट और चाय जैसा होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह दूध प्रोटीन सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध हो सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
