कैंसर और ब्रेन ट्यूमर दो ऐसी बीमारियां है जिनके मामले काफी ज्यादा बढ़ रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर के कारण बच्चों में कैंसर से जुड़ी मौतें सबसे मुख्या कारण मानी जाती है। इसमें दिमाग के असामान्य सेल्स बढ़ने लगते हैं जो दिमाग के किसी भी हिस्से में बढ़ सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर कैंसरयुक्त या फिर गैर कैंसरयुक्त के कारण भी हो सकता है। इसका इलाज यह कितने तरह का किस जगह पर फैल रहा है और इसका आकार क्या है इस पर निर्भर करता है। पहले ब्रेन ट्यूमर बड़ों को होता था लेकिन आजकल बच्चे भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं ऐसे में यदि आप बच्चों के शरीर में दिखने वाले शुरुआती लक्षणों पर गौर करें तो काफी हद तक समस्या से बच सकते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण क्या दिखते हैं।

उल्टी

यदि बच्चों को उल्टियां हो रही हैं तो यह ब्रेन ट्यूमर का शुरुआती लक्षण है। खासतौर पर सुबह के समय में उनके दिमाग में इंट्राक्रैनील दबाव बढ़ता है जिसके कारण उल्टी हो सकती है। इसके अलावा उल्टी के कारण उनके सिर में दर्द भी हो सकता है।

कमजोरी और दर्द होना

अगर बच्चों को चेहरे, हाथ या पैर में दर्द या कमजोरी महसूस हो तो यह भी ब्रेन ट्यूमर का लक्षण है। यह समस्या उन्हें ट्यूमर के बढ़ने के कारण होती है।

थकान

अगर आपके बच्चे बिना खेल या काम के थक रहे हैं तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान या सुस्ती रहना भी ब्रेन ट्यूमर का संकेत दे सकता है। इस थकान के कारण बच्चों के दिमाग में ट्यूमर बढ़ने लगता है।

वजन कम होना या बढ़ना

बच्चे अगर कम खा रहे हैं या उन्हें भूख कम लगे तो यह भी ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। अचानक से वजन कम होना भी ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है।

सिर में दर्द

बार-बार या बहुत सिर में दर्द हो खासतौर पर सुबह के समय अगर बच्चे को दर्द हो तो यह ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है।

सुनाई कम देना

इसके कारण बच्चे की सुनने की क्षमता पर भी असर होता है। उन्हें सुनाई कम देता है या फिर सुनने में कमी होती है। ऐसे में यदि आपके बच्चे की सुनने की क्षमता भी किसी तरह प्रभावित हो रही है तो यह भी ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है।

व्यवहार बदलना

अगर बच्चे का व्यवहार बदल रहा है जैसे कि चिड़चिड़पान या मूड स्विंग्स तो यह भी ब्रेन ट्यूमर का ही लक्षण होगा। बच्चे के व्यवहार में दिखने वाला बदलाव ब्रेन ट्यूमर बढ़ने का ही संकेत देगा। खासतौर पर यह इंट्राक्रैनील दबाव बढ़ने के कारण होगा।

चलने में मुश्किल

ट्यूमर बढ़ने के कारण बच्चे के संतुलन बनाए रखने या ठीक से चलने में भी मुश्किल हो सकती है। ये लक्षण आपके बच्चे के ब्रेन ट्यूमर में बढ़ोतरी के कारण दिख सकते हैं।

आंखों में दर्द

इसके कारण आपकी आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ेगा। अगर आपको धुंधला दिखाई दे या आंखों में दर्द हो या फिर आंखों की रोशनी पहले से कम हो तो यह भी ब्रेन ट्यूमर बढ़ने का ही संकेत देते हैं।

इस बात का भी रखें ध्यान

ऐसे कोई भी लक्षण यदि बच्चे में दिखे तो नजरअंदाज न करें और डॉक्टर की सलाह जरुर लें। समय पर इलाज के साथ आप बच्चे के ब्रेन में बढ़ रहे ट्यूमर को रोक सकते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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