यह सवाल हर घर में अक्सर पूछा जाता है कि मम्मी आप भैया को ज्यादा प्यार करती हो या फिर पिता पर बच्चे मजाक करते हैं कि आप बहन की हर बात मान लेते हो। क्या दो बच्चों के बीच कोई एक मां-बाप का ज्यादा प्रिय होता है? इस पर हाल ही में एक स्टडी हुई है, जो यह बताती है कि आमतौर पर छोटी संतान ही मां-बाप की ज्यादा चहेती होती है, हालांकि इसमें कई अन्य पहलू भी जुड़े हैं।
क्या कहती है स्टडी
यह शोध पारिवारिक गतिशीलता पर आधारित था, जिसमें 19,500 प्रतिभागियों पर किए गए 30 अध्ययनों और 14 डेटाबेस का विश्लेषण किया गया। इसके अनुसार, माता-पिता का पक्षपाती व्यवहार बच्चों के मानसिक विकास पर असर डाल सकता है। इस अध्ययन में यह पाया गया कि छोटी संतान अक्सर अपने मां-बाप का ज्यादा ध्यान आकर्षित करती है। इसके अलावा, कर्तव्यनिष्ठ और आज्ञाकारी बच्चे भी ज्यादा प्रिय होते हैं, क्योंकि उन्हें संभालना माता-पिता के लिए आसान होता है।
माता-पिता का पक्षपाती व्यवहार
शोधकर्ताओं के अनुसार, माता-पिता का पक्षपात कई रूपों में सामने आता है – जैसे बच्चों के साथ बातचीत, उन पर खर्च किए गए पैसे, या उन पर कितना नियंत्रण रखा जाता है। इससे बच्चों के बीच तनाव और रिश्तों में दरार पैदा हो सकती है, खासकर उस बच्चे के लिए जो कम प्रिय होता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि माता-पिता बेटियों का पक्ष लेने की अधिक संभावना रखते हैं।
बड़े बच्चों को स्वायत्तता
अलेक्जेंडर जेन्सेन, जो इस शोध के प्रमुख लेखक हैं, बताते हैं कि माता-पिता बड़े बच्चों को अधिक स्वायत्तता देते हैं, क्योंकि वे अधिक परिपक्व होते हैं। यह स्वायत्तता उन्हें अधिक स्वतंत्रता देती है, जबकि छोटे बच्चों को ज्यादा ध्यान और देखभाल की आवश्यकता होती है।
भावनात्मक प्रभाव और समाधान
जेन्सेन के अनुसार, यह अध्ययन माता-पिता को यह समझने में मदद करता है कि किन बच्चों को पक्षपात का सामना करना पड़ सकता है। यह माता-पिता और चिकित्सकों को संभावित पारिवारिक पैटर्न को पहचानने में मदद कर सकता है और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है कि सभी बच्चों को समान प्यार और समर्थन मिले।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
