कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे हृदय की मांसपेशी कोशिकाओं के भीतर के विद्युत संकेतों को बाहरी स्तर से बिना किसी आक्रामक प्रक्रिया के मापने का तरीका संभव हो गया है। इस शोध में एआई का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बाहरी विद्युत संकेतों से आंतरिक संकेतों का सटीक पुनर्निर्माण किया जा सकता है।
नवीन विधि के लाभ
हृदय कोशिकाओं के विद्युत संकेतों का विश्लेषण हृदय की कार्यप्रणाली, कोशिकाओं के बीच संचार और दवाओं के प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। पारंपरिक विधियों में कोशिकाओं में सूक्ष्म इलेक्ट्रोड डालने की आवश्यकता होती है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और बड़े पैमाने पर परीक्षण को जटिल बना सकते हैं। नई तकनीक इन समस्याओं का समाधान प्रदान करती है, जिससे बिना किसी शारीरिक हस्तक्षेप के आंतरिक संकेतों का विश्लेषण किया जा सकता है।
नई तकनीक की कार्यप्रणाली
शोधकर्ताओं ने बाहरी और आंतरिक विद्युत संकेतों के बीच संबंध स्थापित किया है। उन्होंने नैनोस्केल आकार के सूक्ष्म इलेक्ट्रोड का एक एरे तैयार किया और हृदय की कोशिकाओं को इन पर रखा। इसके बाद हजारों विद्युत संकेतों का डेटा एकत्र किया गया। इस डेटा का विश्लेषण करने के बाद उन्होंने एक गहरे अध्ययन मॉडल (डीप लर्निंग मॉडल) को प्रशिक्षित किया, जिससे बाहरी संकेतों से आंतरिक संकेतों का सटीक पुनर्निर्माण संभव हो पाया।
दवाओं की परीक्षण में उपयोग
यह नई तकनीक दवाओं की परीक्षण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। पारंपरिक विधियों में दवाओं के प्रभाव का परीक्षण पशु मॉडल पर किया जाता है, जो हमेशा मानव शरीर के परिणामों को सही ढंग से नहीं पूर्वानुमानित कर पाते। इस नई तकनीक से दवाओं का परीक्षण सीधे मानव हृदय कोशिकाओं पर किया जा सकता है, जो मानव शरीर में दवाओं के प्रभाव का अधिक सटीक आकलन करता है।
भविष्य में विस्तार
यह शोध केवल हृदय कोशिकाओं तक सीमित नहीं रहेगा। शोधकर्ता इस तकनीक को अन्य प्रकार की कोशिकाओं, जैसे तंत्रिका कोशिकाओं, पर भी लागू करने की योजना बना रहे हैं। इससे न केवल विभिन्न ऊतकों की कोशिकाओं की गतिविधियों को बेहतर समझने में मदद मिलेगी, बल्कि यह व्यक्तिगत चिकित्सा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोल सकता है।
यह शोध चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में कई नई चिकित्सा तकनीकों और उपचार विधियों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
