भारत के 13वें प्रधानमंत्री, डॉ. मनमोहन सिंह, का 92 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर 2024 को दिल्ली में निधन हो गया। उनका निधन भारतीय राजनीति के एक युग का अंत है। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे डॉ. मनमोहन सिंह ने जीवनभर अपनी स्वास्थ्य चुनौतियों को मात दी, लेकिन अंततः वे उन समस्याओं से नहीं बच पाए। आइए जानते हैं कि उनका स्वास्थ्य जीवन कैसा रहा और किन-किन बीमारियों का उन्होंने सामना किया।
बाईपास सर्जरी का इतिहास

डॉ. मनमोहन सिंह को दिल की बीमारियां कई सालों से परेशान कर रही थीं। 1990 में उन्हें पहली बार बाईपास सर्जरी की आवश्यकता पड़ी, जब उनकी दिल की धमनियों में रुकावट आई। इसके बाद 2004 में एंजियोप्लास्टी की गई। 2009 में, उन्होंने अपनी पांचवीं बाईपास सर्जरी करवाई, जिसे मुंबई के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. रमाकांत पंडा ने सफलतापूर्वक किया। इस सर्जरी का उद्देश्य रक्त और ऑक्सीजन के बेहतर प्रवाह के लिए एक नया मार्ग बनाना था, ताकि दिल का मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके और हार्ट अटैक से बचा जा सके।
डायबिटीज से जूझ रहे थे

डॉ. मनमोहन सिंह को डायबिटीज का भी सामना करना पड़ा। यह एक क्रॉनिक बीमारी है, जिसमें रक्त में शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक रहता है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित रूप से दवाइयां लेनी पड़ती थीं, साथ ही उनके खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान दिया जाता था। उनकी सेहत को बनाए रखने के लिए डॉक्टरों ने संतुलित आहार और नियमित जांच की सलाह दी थी।
कोविड-19 से संक्रमित हुए थे

अप्रैल 2021 में डॉ. मनमोहन सिंह कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे, जो उस समय भारत में महामारी का रूप धारण कर चुका था। उनकी उम्र उस वक्त 88 वर्ष थी, और ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, उन्होंने इस मुश्किल वक्त में जल्दी रिकवरी की और अस्पताल से बाहर आने में सफल रहे। उनकी उम्र और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका शरीर इस संक्रमण से लड़ा और वे जल्दी स्वस्थ हो गए।
रेस्पिरेटरी डिजीज से भी पीड़ित थे

सूत्रों के अनुसार डॉ. मनमोहन सिंह को रेस्पिरेटरी डिजीज भी था, जिससे उन्हें सांस लेने में कठिनाई होती थी। बढ़ती उम्र के साथ उनके फेफड़ों की स्थिति भी कमजोर हो गई थी। 26 दिसंबर को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद, भारतीय राजनीति में उनका योगदान
मनमोहन सिंह का योगदान भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अमूल्य है। एक सशक्त अर्थशास्त्री, उन्होंने देश को आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई। चाहे बाईपास सर्जरी हो या कोविड-19 संक्रमण, उन्होंने हर कठिनाई का सामना किया और हमेशा देश की सेवा में जुटे रहे। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा क्षति है, जिसे कोई भी भुला नहीं सकता।
