मध्य प्रदेश के देवास जिले में हाल ही में एक गैस सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में चार लोगों की मौत हो गई। हादसा एक घर के नीचे स्थित डेयरी में सिलेंडर के फटने से हुआ, जिससे ऊपर की मंजिल पर धुआं भर गया और घर में रहने वाले पति-पत्नी और दो बच्चों की दम घुटने से जान चली गई। इस घटना ने गैस सिलेंडर के उपयोग में सावधानी की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
गैस सिलेंडर ब्लास्ट की घटनाएं आम हो गई हैं, और अधिकांश मामलों में लापरवाही मुख्य कारण होती है। LPG गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है, और छोटे से रिसाव या दुर्घटना से बड़ा नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में सतर्कता बरतना जरूरी है। आइए जानें, गैस सिलेंडर लेते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए।
गैस लीकेज कैसे होता है?
जयपुर के फायर ऑफिसर देवांग यादव के अनुसार गैस लीकेज गैस सिलेंडर ब्लास्ट का प्रमुख कारण है। इसके अलावा सिलेंडर को सीधी धूप में रखने, या ऊंचाई से गिरने पर गैस का दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट हो सकता है। ढीला कनेक्शन, पुरानी गैस पाइपलाइन और एक्सपायर्ड सिलेंडर भी लीकेज का कारण बन सकते हैं। इनसे बचने के लिए नियमित जांच जरूरी है।
सिलेंडर लेते समय इन बातों का ध्यान रखें
सिलेंडर का वजन चेक करें
हमेशा सिलेंडर का वजन चेक करें कि वह सही है या नहीं।
एक्सपायरी डेट चेक करें
सिलेंडर की एक्सपायरी डेट पर ध्यान दें। इसे सिलेंडर की पट्टियों पर कोड के रूप में देखा जा सकता है।
लीकेज चेक करें
सुनिश्चित करें कि सिलेंडर में कोई लीकेज नहीं है। इसके लिए पानी डालकर जांच सकते हैं।
सही जगह पर रखें
सिलेंडर को सुरक्षित स्थान पर रखें और रेगुलेटर को ठीक से फिट करें। सिलेंडर को सीधी स्थिति में रखें, और कभी उल्टा न करें।
ISI प्रमाणित पाइप का उपयोग करें
हमेशा ISI प्रमाणित पाइप और रेगुलेटर का इस्तेमाल करें।
गैस सिलेंडर की एक्सपायरी चेक कैसे करें?
गैस सिलेंडर की एक्सपायरी डेट उसकी पट्टियों पर एक कोड के रूप में दी जाती है जैसे A-25, B-26, C-27, आदि। इसमें A, B, C, D महीने को दर्शाते हैं और नंबर एक्सपायरी वर्ष को। उदाहरण के लिए, अगर सिलेंडर पर B-27 लिखा है, तो इसका मतलब है कि सिलेंडर 2027 में अप्रैल से जून के बीच एक्सपायर होगा।
गैस लीकेज का पता कैसे लगाएं?
LPG में एक केमिकल, एथिल मर्कैप्टन मिलाया जाता है, जो गैस के रिसाव होने पर सड़े अंडे जैसी गंध देता है। इसके अलावा, पानी डालकर भी जांच कर सकते हैं। अगर बुलबुले बनें, तो इसका मतलब है कि गैस लीक हो रही है।
गैस लीक होने पर क्या करें?
घबराएं नहीं
तुरंत रेगुलेटर बंद करें और सभी ज्वलनशील चीजों को दूर हटाएं।
स्विच से बचें
बिजली के स्विच से बचें, क्योंकि स्पार्क से बड़ा हादसा हो सकता है।
सुरक्षा कदम उठाएं
गैस एजेंसी या फायर ब्रिगेड को सूचित करें और खिड़कियों को खोलकर हवा आने दें।
गैस सिलेंडर में आग लगने पर क्या करना चाहिए?
अगर सिलेंडर में आग लग जाए, तो एक सूती चादर या कंबल को पानी में भिगोकर सिलेंडर पर लपेटें। इससे आग बुझाने में मदद मिलेगी। याद रखें सिलेंडर तुरंत नहीं फटता, लेकिन आग को नियंत्रित करना जरूरी है।
