अगर आप भी जिम जाते हैं और बॉडी फिटनेस के लिए प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हैं, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा, सेक्टर 63 में एक नकली प्रोटीन पाउडर बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। इस नकली पाउडर का सेवन करने से एक व्यक्ति को लिवर और स्किन से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुईं, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि यह नकली प्रोटीन पाउडर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से बेचा जा रहा था। पुलिस ने इस नकली माल को जब्त कर लिया, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।

नकली प्रोटीन पाउडर के सेवन से स्वास्थ्य पर असर

नकली प्रोटीन पाउडर के सेवन से लिवर, किडनी और आंतों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके सेवन से पेट दर्द, अपच, त्वचा पर रैशेज, थकान और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। इस तरह के प्रोडक्ट्स में मिलाए गए हानिकारक तत्व, जैसे मेलामाइन, फॉर्मल्डिहाइड और बेंजीन, स्किन पर नकारात्मक असर डालते हैं। इन तत्वों के कारण एक्जिमा और मुहांसे जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा ये तत्व लिवर को भी प्रभावित करते हैं, जिससे लिवर में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे बनाते थे नकली प्रोटीन पाउडर

डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में नकली प्रोटीन पाउडर बनाने का कच्चा माल बरामद हुआ। ये लोग मेटाडेक्सट्राइन, कैफीन, कोका पाउडर, एसएमपी पाउडर, अश्वगंधा और चॉकलेट पाउडर मिलाकर प्रोटीन पाउडर तैयार कर रहे थे। आरोपियों ने बिना किसी डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की मदद से पाउडर तैयार किया और इस बारे में आवश्यक लाइसेंस भी प्राप्त नहीं किया था।

ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचते थे पाउडर

गिरफ्तार आरोपियों में से एक पहले एक बड़ी प्रोटीन कंपनी में काम करता था, बाद में उसने अपना व्यवसाय शुरू किया। ये लोग अपने नकली पाउडर को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बेच रहे थे। आरोपियों ने प्रोटीन पाउडर के दाम बड़े ब्रांड्स के बराबर रखे थे, ताकि ग्राहकों को शक न हो और वे इसे खरीद सकें।

लिवर और स्किन पर गंभीर असर

नकली प्रोटीन पाउडर का सेवन लिवर को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है। यह लिवर में सूजन, फंक्शन में गड़बड़ी, और गंभीर स्थितियों जैसे लिवर सिरोसिस या फाइब्रोसिस का कारण बन सकता है। ऐसे पाउडर के सेवन से लिवर पर केमिकल्स का असर पड़ता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

नकली और असली प्रोटीन पाउडर की पहचान

नकली प्रोटीन पाउडर से बचने के लिए इसे पहचानना बेहद जरूरी है। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं, जिनसे आप असली और नकली प्रोटीन पाउडर की पहचान कर सकते हैं:

पैकेजिंग की जांच करें

असली प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग अच्छी और सही होती है, जबकि नकली पाउडर की पैकेजिंग में स्पैलिंग मिस्टेक्स या गलत जानकारी हो सकती है।

लेबल पर जानकारी पढ़ें

यदि पाउडर में अजीब सामग्री हो, तो उसे खरीदने से बचें।

घुलने की प्रक्रिया देखें

असली पाउडर पानी में जल्दी घुल जाता है, जबकि नकली पाउडर नीचे बैठ सकता है या गाढ़ा झाग बना सकता है।

स्वाद और गंध

नकली प्रोटीन पाउडर का स्वाद और गंध असामान्य हो सकता है।

QR कोड और बारकोड स्कैन करें

असली उत्पाद पर कोड स्कैन करने पर ब्रांड की जानकारी प्राप्त होती है।

कीमत पर ध्यान दें

अगर पाउडर बहुत सस्ते दाम पर मिल रहा है, तो वह नकली हो सकता है।

स्वास्थ्य के लिए प्रमाणित उत्पाद चुनें

नकली प्रोटीन पाउडर से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय ब्रांड का प्रोटीन पाउडर खरीदें। किसी भी समस्या के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

By tnm

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