आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग अब मौसम पूर्वानुमान में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। हाल ही में एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि एआई की मदद से तूफानों के मार्ग, तीव्रता और प्रभाव का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। यह स्टडी विशेष रूप से नवंबर 2023 में यूरोप में आए तूफान ‘सियारन’ पर आधारित है।

एआई का इस्तेमाल और इसके फायदे

रीडिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी में मशीन लर्निंग (एआई) का उपयोग करके तूफान की तीव्रता और मार्ग का पूर्वानुमान किया। यह स्टडी एनपीजे क्लाइमेट एंड एटमॉस्फेरिक साइंस नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ। स्टडी के अनुसार एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान पारंपरिक पूर्वानुमान विधियों की तुलना में न केवल तेज़ और सटीक होते हैं, बल्कि ये किफायती भी होते हैं।

अध्ययनकर्ता ने कहा, एआई हमारे सामने मौसम पूर्वानुमान के तरीके को बदल रहा है। दो साल पहले, मौसम पूर्वानुमान में मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग कम था, लेकिन अब हम ऐसे कई मॉडल्स के साथ काम कर रहे हैं जो कुछ ही मिनटों में 10 दिन का वैश्विक पूर्वानुमान तैयार कर सकते हैं।

तूफान सियारन पर एआई का विश्लेषण

नवंबर 2023 में आया तूफान सियारन ने उत्तरी और मध्य यूरोप में भारी तबाही मचाई थी। इस तूफान ने 16 लोगों की जान ली और लाखों घरों को बिजली की आपूर्ति से वंचित कर दिया। स्टडी में वैज्ञानिकों ने एआई आधारित मॉडल्स का इस्तेमाल किया और तूफान के मार्ग और तीव्रता का विश्लेषण किया। गूगल, नविद्या और हुआई जैसी कंपनियों द्वारा विकसित एआई मॉडल्स ने तूफान की तीव्रता की भविष्यवाणी करने में सफलता हासिल की और यह भी सुनिश्चित किया कि तूफान का ट्रैक 48 घंटे पहले सटीक रूप से बताया जा सके।

एआई ने बड़े पैमाने पर वायुमंडलीय परिस्थितियों का सही-सही विश्लेषण किया, जैसे कि जेट स्ट्रीम की स्थिति, जो तूफान के विस्फोटक विकास के लिए जिम्मेदार होती है।

एआई मॉडल की सीमाएं

हालांकि एआई मॉडल ने अधिकांश मामलों में सटीक पूर्वानुमान दिया, लेकिन कुछ स्थानों पर यह मॉडल तूफान की अधिकतम हवा की गति का सही अनुमान नहीं लगा पाए। उदाहरण के लिए ब्रिटनी के पॉइंट डू रेज में हवाओं की गति 111 नॉट्स तक पहुंच गई, जबकि एआई ने इसे कम आंका। यह कमी इस तथ्य के कारण थी कि तूफान के केंद्र के पास तापमान में बदलाव को एआई प्रणाली पहले से सही ढंग से पहचान नहीं पाई थी।

भविष्य की दिशा

शोधकर्ताओं का कहना है कि एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान तकनीकों को और अधिक परिष्कृत करने की आवश्यकता है। यदि इन तकनीकों का सही तरीके से विकास किया जाता है, तो भविष्य में यह तकनीक मौसम के पूर्वानुमान को और अधिक सटीक और प्रभावी बना सकती है। यह वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक रोमांचक और महत्वपूर्ण समय है, क्योंकि एआई के उपयोग से हम तूफानों जैसे चरम मौसम की घटनाओं से न केवल बेहतर तरीके से निपट सकते हैं, बल्कि इससे होने वाली जान-माल की हानि को भी कम कर सकते हैं।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *