हर माता-पिता के लिए अपने नवजात बच्चे के साथ बिताया गया समय बेहद खास होता है, और इस समय को यादगार बनाने के लिए कई पैरेंट्स बेबी फोटोशूट कराते हैं। हालांकि यह प्यारी यादें बनाने का तरीका कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकता है। हाल ही में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट ने नवजात के लिए बेबी फोटोशूट को लेकर चेतावनी दी है, जिसमें कहा गया है कि यह बच्चों की रीढ़ की हड्डी, जोड़ों, नसों और ब्लड सर्कुलेशन के लिए खतरनाक हो सकता है। गलत पोज़ या हल्की सी चूक से बच्चे को गंभीर चोटें लग सकती हैं।
फ्रॉगी पोज़ से हड्डियों को खतरा

आजकल नवजात के फोटोशूट में फ्रॉगी पोज़ काफी लोकप्रिय हो गया है, जिसमें बच्चे के गालों पर दोनों हाथ रखे जाते हैं। लेकिन नवजात बच्चों की मांसपेशियां और हड्डियां पूरी तरह से विकसित नहीं होतीं, और वह खुद से बैलेंस नहीं कर सकते। यदि इस पोज़ में कोई गलती हो जाए, तो बच्चा मुंह के बल गिर सकता है, जिससे उसकी छोटी हड्डियां टूट सकती हैं। इस प्रकार के पोज़ में बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहता।
हम्मोक पोज़ और बकेट पोज़ के जोखिम

कुछ बेबी फोटोशूट पोज़्स जैसे ‘हम्मोक पोज़’ में बच्चे को हल्के कपड़े में लटका दिया जाता है। अगर कपड़े की गांठ खुल जाए या बच्चा अपनी पोज़ीशन बदल ले, तो वह गिर सकता है। वहीं बकेट पोज़ में बच्चे को बाल्टी में खड़ा किया जाता है, जो उसकी जॉइंट्स और रीढ़ की हड्डी के लिए हानिकारक हो सकता है। इन पोज़्स में बच्चों को सही सपोर्ट न मिलने के कारण गिरने या हड्डियों पर दबाव पड़ने का खतरा होता है।
पोटैटो सैक पोज़ से ब्लड सर्कुलेशन पर असर

पोटैटो सैक पोज़ में नवजात को कपड़े में लपेटा जाता है, और हाथों को मुंह के नीचे रखा जाता है। यह पोज़ देखने में अच्छा लगता है, लेकिन यह बच्चे के ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकता है और असहजता पैदा कर सकता है। इस पोज़ में बच्चे के जॉइंट्स और हिप्स पर दबाव न पड़े, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पेट्स के साथ फोटोशूट से बचें

कुछ पैरेंट्स अपने नवजात का फोटोशूट पेट्स के साथ करवाते हैं, जो एक गंभीर खतरा हो सकता है। पेट्स बच्चे को पंजे मार सकते हैं या काट सकते हैं, और इससे एलर्जी का खतरा भी बढ़ सकता है। नवजात का इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है, जिससे वह पेट्स से बैक्टीरिया या वायरस का शिकार हो सकते हैं।
क्या करें
यदि आप अपने नवजात का फोटोशूट कराना चाहते हैं, तो एक एक्सपीरियंस फोटोग्राफर से मदद लें, जो बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। पेरेंट्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फोटोशूट के दौरान बच्चे को किसी भी प्रकार की असुविधा या चोट न हो और उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।
