लोग जब योग का नाम सुनते हैं तो उन्हें लगता है कि इससे कोई फायदा नहीं होता। लेकिन जब चिंता की भावनाएँ बढ़ने लगती हैं या तनाव का समय आता है तो तब योग आपको बचा सकता है। आपको बता दें कि अपनी सांस और प्रत्येक मुद्राओं पर ध्यान केंद्रित करने से नेगेटिव मानसिक बातचीत और अपने मूड को बेहतर बनाया जा सकता है।

अगर आप दिन में बाकी चीजों के लिए समय निकाल सकते हैं तो योग के लिए भी जरूर निकालें। इस समय में आप कुछ एक या दो आसनों से अपने दिमाग को शांति दे सकते हैं। जब भी आसन करें तो पूरे शरीर में होने वाली संवेदनाओं पर ध्यान दें। जैसी भी भावनाएँ उठती हैं, उन्हें महसूस करने और अनुभव करने की अनुमति दें।

वृक्षासन

इस आसन के लिए खड़े हो जाएं और अपने दाहिने पैर से अपना वजन सहन करें और धीरे-धीरे अपने बाएँ पैर को ज़मीन से ऊपर उठा लें। बाएँ पैर के तलवे को धीरे-धीरे मोड़ें ताकि दाएं घुटने के साथ रख सके। इसे अपने बाएँ टखने, पिंडली या जाँघ के बाहर की ओर रखें। पैर को घुटने पर दबाने से बचें। अब हाथों को किसी भी आरामदायक स्थिति में लाएँ। वैसे हाथों को दिल के सामने प्रार्थना की स्थिति में रखें। ये स्टैंडिंग पोज़ आपको अंदर की ओर ध्यान केंद्रित करने और दौड़ते विचारों को शांत करने में मदद करेगा। इसमें काम आने वाली मांसपेशियां हैं- पेट, पसोआस, क्वाड्रिसेप्स, टिबियलिस एंटीरियर।

त्रिकोणासन

इसे करने के लिए अपने पैरों को अपने कूल्हों से ज़्यादा चौड़ा करके खड़े हो जाएँ। अपनी टांगों से त्रिकोण बनाएं। हाथों को कंधों से बाहर की ओर फैलाएँ, हथेलियाँ नीचे की ओर हों। अपने धड़ को आगे की ओर करें और बाएँ हाथ से आगे की ओर पहुँचे। दाएँ कूल्हे को पीछे लाने के लिए अपने कूल्हे के जोड़ पर झुकें। अब बाएँ हाथ से पैर पर जाएं और ऐसे ही दाएं से भी करें। ये मुद्रा गर्दन और पीठ में तनाव को कम करने में मदद करेगी। इसमें काम आने वाली मांसपेशियां हैं- लैटिसिमस डॉर्स, आंतरिक तिरछा, ग्लूटस मैक्सिमस और मेडियस, हैमस्ट्रिंग, क्वाड्रिसेप्स।

वीरासन

इस आसन के लिए घुटने टेकने की मुद्रा में आ जाएँ। घुटने एक साथ करें और पैर कूल्हों से थोड़े चौड़े रखें।पैरों के ऊपरी हिस्सों को ज़मीन पर सपाट रखें। पीछे की ओर बैठें ताकि आपका निचला हिस्सा आपके पैरों के बीच में ज़मीन तक पहुँच जाए। इसके बाद हाथों को जाँघों पर रखें और रीढ़ को लंबा करने के लिए सीधे बैठें,जिससे आपकी छाती भी खुले। इसे आप कुछ मिनटों के लिए कर सकते हैं, शुरूआत थोड़े समय से ही करें। इसमें जो मांसपेशियां काम करती हैं वो हैं- एरेक्टर स्पाइना, क्वाड्रिसेप्स, घुटने की मांसपेशियाँ, टखने की मांसपेशियाँ। इस मुद्रा में अपनी सांसों पर ध्यान दें।

By tnm

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