भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है, और यह बीमारी न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है। हाल ही में मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित एक स्टडी में यह बात सामने आई कि टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में सामान्य लोगों की तुलना में मानसिक समस्याएं जैसे डिप्रेशन और एंग्जाइटी होने का खतरा अधिक होता है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि इन मरीजों में मानसिक बीमारियों का खतरा सामान्य से दो से तीन गुना ज्यादा होता है।
डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य का संबंध
डायबिटीज के मरीजों में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। शुगर लेवल बढ़ने का असर न केवल शरीर पर पड़ता है, बल्कि ब्रेन पर भी इसका गहरा प्रभाव होता है। शुगर के बढ़े हुए स्तर के कारण न्यूरोट्रांसमीटर्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जो मानसिक समस्याओं का कारण बनता है। इस स्थिति को “डायबिटीज डिस्ट्रेस” कहा जाता है, जिसमें मरीज को चिंता और अवसाद (डिप्रेशन) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
यह मानसिक स्थिति तब और बिगड़ सकती है जब व्यक्ति को डायबिटीज के कारण अपनी अन्य बीमारियों का डर सताता है। उन्हें खानपान में भी बहुत अधिक परहेज करना पड़ता है, जो चिंता और तनाव को और बढ़ा देता है। लैंसट की स्टडी के अनुसार, शुगर लेवल के लगातार बढ़ने से ब्रेन, हार्ट और लंग्स पर भी बुरा असर पड़ता है, और जब यह असर ब्रेन पर ज्यादा होता है तो मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है।
क्यों होती है डायबिटीज डिस्ट्रेस
डायबिटीज डिस्ट्रेस तब होती है जब शुगर लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहता है और शरीर के हार्मोनल असंतुलन के कारण मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है। इसके अलावा, शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का स्तर भी बढ़ जाता है, जो एंग्जाइटी और डिप्रेशन का कारण बन सकता है।
दुनिया भर में डायबिटीज से पीड़ित 30 फीसदी लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, और भारत में यह स्थिति और भी गंभीर हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में डायबिटीज के रोगियों की संख्या दुनिया के 828 मिलियन मामलों का एक चौथाई थी।
डायबिटीज से मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा कैसे करें
रोजाना एक्सरसाइज करें
शारीरिक सक्रियता से न केवल शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है।
खानपान का ध्यान रखें
संतुलित आहार से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
मानसिक तनाव कम करें
मानसिक शांति के लिए योग, ध्यान या अन्य रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास करें।
मीठे का सेवन सीमित करें
अधिक मीठा खाने से शुगर लेवल बढ़ सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
मोटापे को कंट्रोल में रखें
स्वस्थ वजन बनाए रखने से डायबिटीज के नियंत्रण में मदद मिलती है और मानसिक स्थिति भी बेहतर रहती है।
