दिल्ली में वायु प्रदूषण ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों में दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 494 दर्ज किया गया, जो एक खतरनाक स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बहुत ही भयावह है और यह देश के सबसे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) वाले शहरों में शामिल है। इस खतरनाक स्तर पर वायु की गुणवत्ता सांस लेना तक मुश्किल कर देती है, लेकिन खुशखबरी यह है कि देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां आप सुरक्षित रूप से सांस ले सकते हैं और यहां रहकर आप न केवल बीमारियों से बच सकते हैं बल्कि अपनी उम्र भी बढ़ा सकते हैं।

दिल्ली और अन्य शहरों में प्रदूषण की भयावह स्थिति

दिल्ली-एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडेक्स कई स्थानों पर 400 के पार पहुंच चुका है, जो अत्यधिक खतरनाक श्रेणी में आता है। शाम 4 बजे तक दिल्ली-एनसीआर में कोई भी स्थान ऐसा नहीं था, जहां AQI 400 से नीचे हो। यहां प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, सांसों की तकलीफ और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इसके अलावा देश के अन्य बड़े शहरों जैसे बहादुरगढ़, गुरुग्राम, गाजियाबाद, और सोनीपत में भी AQI स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है।

दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य पहाड़ी राज्य जैसे कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्रदूषण के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। उदाहरण के लिए जम्मू-कश्मीर में शाम को AQI 72 दर्ज किया गया, वहीं धर्मशाला और देहरादून में AQI 100 के पार पहुंच चुका है। यह स्थिति पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भी चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ों को अक्सर शुद्ध हवा और साफ वातावरण के लिए जाना जाता है।

सांस लेने के लिए बेहतर स्थान

जब देश के अधिकांश स्थानों पर प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो, तो कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां हवा की गुणवत्ता अभी भी बेहतर है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित ये शहर वायु प्रदूषण से मुक्त हैं और यहां की हवा पूरी तरह से शुद्ध और ताजगी से भरपूर है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार देश में 10 ऐसी जगहें हैं, जहां AQI 50 से नीचे है, जो अत्यधिक शुद्ध हवा की पहचान मानी जाती है। इन स्थानों पर आप आराम से सांस ले सकते हैं, और यहां रहने से कई स्वास्थ्य समस्याएं भी कम हो सकती हैं।

अच्छी वायु गुणवत्ता वाले स्थान (AQI 50 से नीचे)

आइजोल (मिजोरम) – AQI 20

नौगांव (असम) – AQI 30

विजयपुर (मध्य प्रदेश – AQI 37

मदुरै (तमिलनाडु) – AQI 42

त्रिशूर (केरल) – AQI 43

सनम पट्टी (तमिलनाडु) – AQI 48

तंजावुर (तमिलनाडु) – AQI 43

मैहर (मध्य प्रदेश) – AQI 46

यहां पर हवा की गुणवत्ता इतनी बेहतर है कि आप न केवल शुद्ध हवा का आनंद ले सकते हैं, बल्कि ये स्थान आपकी सेहत के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं। इन स्थानों पर रहने से सांस संबंधी समस्याओं, एलर्जी, और हृदय रोगों से बचाव हो सकता है।

मध्यम गुणवत्ता वाली हवा (AQI 50-100)

सीपीसीबी के अनुसार, 50 से 100 के बीच का AQI मध्यम श्रेणी का माना जाता है। इन स्थानों पर हवा उतनी खतरनाक नहीं होती, लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। इन स्थानों में विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्य जैसे तमिलनाडु, कर्नाटका, आंध्र प्रदेश, और पूर्वोत्तर राज्य मेघालय और मणिपुर में एयर क्वालिटी का स्तर काफी बेहतर है।

खराब हवा वाले शहर (AQI 300 से ऊपर)

जहां कुछ शहरों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो रही है, वहीं कुछ स्थानों पर AQI का स्तर 300 से भी ऊपर पहुंच चुका है, जो कि अत्यधिक खतरनाक है। इनमें शामिल हैं:

  • बहादुरगढ़ – AQI 448
  • गुरुग्राम – AQI 469
  • भिवंडी – AQI 442
  • गाजियाबाद – AQI 441
  • सोनीपत – AQI 438
  • हापुड़ – AQI 436
  • भिवानी – AQI 419
  • सीकर – AQI 325
  • रोहतक – AQI 304
  • फरीदाबाद – AQI 372

इन स्थानों पर हवा में प्रदूषण इतना अधिक है कि यहां सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक यहां रहने से विभिन्न शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, खासकर अस्थमा और हृदय रोग से संबंधित समस्याएं।

By tnm

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