हम जिस तरह बाकी शरीर की सफाई रखते हैं और समय-समय पर जानकारी लेते रहते हैं, वैसे ही अपने जनाइटल हेल्थ के बारे में जागरूक रहना चाहिए। हमारे जनाइटल यानी हमारे यौनांगों में बैक्टीरियल और यीस्ट का इंफेक्शन होने की संभावना ज्यादा होती है। यदि यहां इंफेक्शन हो जाए तो आपको आगे जाकर काफी भुगतना पड़ सकता है। आपको यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन (UTI) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
यूटीआई के कारण मूत्राशय तक सूजन पहुंच जाती है और पेशाब करने में भी दिक्कत आती है। इस आर्टिकल में आपको ये बताया जाएगा कि किस तरह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को सेक्स के बाद यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन होने की संभावना ज्यादा रहती है।
Urethra में इन्फ़ेक्शन
आपको बता दें कि वेजाइना में गुड और बैड दोनों तरह के बैक्टीरिया होते हैं। जब सेक्स करते हैं तो संभावना होती है कि बैड बैक्टीरिया आपके मूत्रमार्ग में पहुंच जाएं और वहां से ब्लैडर तक। इस तरह पूरे यूरीनरी ट्रैक्ट में इन्फ़ेक्शन हो जाती है। 2013 की स्टडी के मुताबिक महिलाओं को होने वाले बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन्स का 25% यूटीआई इन्फ़ेक्शन है और आगे ये जाना गया कि 50 से 60 प्रतिशत महिलाएं अपनी जिंदगी में एक बार तो यूटीआई का शिकार हुई हैं। इसी कारण महिलाओं को सेक्स के बाद अपने यौनांगों को अच्छे से धोकर साफ करने की सलाह दी जाती है।
ओरल सेक्स
अगर आप सिर्फ ये सोच रहे हैं कि वेजाइनल सेक्स से ही खतरा होता है तो आप गलत हैं। ओरल सेक्स से भी इन्फेक्शन हो सकते हैं। अगर सेक्स टॉएज़ का इस्तेमाल किया जाता है तो ये खतरा और भी बढ़ जाता है। इससे इन्फेक्शन हो सकती है और उससे पैदा होने वाले बैक्टीरिया यूरीनरी ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं।
सेक्स के बाद पेशाब न करने से
आपने ये तो अक्सर सुना होगा कि सेक्स के बाद पेशाब करना चाहिए, लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। आपको बता दें कि जब सेक्स के बाद आप पेशाब करते हैं तो किसी भी तरह के बैक्टीरिया को आपके सिस्टम से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस तरीके से आप यूटीआई से बच सकते हैं। अगर सेक्स के बाद पेशाब न आए तो जेनाइट्लस को ठंडे पानी से जरूर धोएं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
