क्या आप जानते हैं कि आपके लैपटॉप या डेस्कटॉप के कीबोर्ड पर टॉयलेट सीट से भी 400 गुना ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं? जी, हां यह सच है एक स्टडी की मानें, तो कीबोर्ड पर बैक्टीरिया की भारी मात्रा मौजूद होती है और इनमें से कुछ बैक्टीरिया आपकी सेहत के लिए खतरनाक होंगे। इस बैक्टीरिया का कारण होता है हमारी दिन-प्रतिदिन की आदतें जैसे कि बिना हाथ धोए कीबोर्ड का इस्तेमाल करना। कीबोर्ड पर जमे बैक्टीरिया आंखों में जलन, एलर्जी और त्वचा पर रैशेज जैसी समस्याओं का कारण बनेंगे। अगर आप कीबोर्ड को नियमित रूप से साफ नहीं करते तो यह बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण बनेंगे इसलिए, गंदे कीबोर्ड से बचने के लिए उसे समय-समय पर साफ करें और हाथ धोने की आदत डालें। कीबोर्ड पर जमी धूल और गंदगी के कारण सांस संबंधी समस्याएं, फ्लू या सर्दी-खांसी, पेट संबंधी समस्याएं जैसे डायरिया, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस आर्टिकल के जरिए आपको इस स्टडी के बारे में विस्तार से बताएंगे और समझाएंगे कि कीबोर्ड से होने वाले नुकसान से आप खुद को कैसे बचा सकते हैं। आइए जानते हैं।
कीबोर्ड पर टॉयलेट सीट से 400 गुना ज्यादा बैक्टीरिया
ऑस्ट्रेलिया की स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में हुई एक रिसर्च में यह देखा गया कि पर्सनल और शेयर किए गए कीबोर्ड्स पर कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इस स्टडी में यह पाया गया कि कीबोर्ड्स पर बैक्टीरिया की संख्या बहुत ज्यादा होती है और जो कीबोर्ड्स कई लोग शेयर करते हैं, उनमें एक ही व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कीबोर्ड्स की तुलना में ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि एरिजोना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने पाया कि एक कीबोर्ड पर टॉयलेट सीट से 400 गुना ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। रिसर्च के अनुसार, ज्यादातर बैक्टीरिया जो डेस्क और कीबोर्ड पर मौजूद होते हैं, वो हमारे शरीर पर रहते हैं खासकर हमारी त्वचा, मुंह और नाक की नलियों में इसलिए, इस बात की बहुत संभावना है कि ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे हाथों से आए हैं। हालांकि, इन बैक्टीरिया में से ज्यादातर बैक्टीरिया आपको तब तक नुकसान नहीं पहुंचाते जब तक आपका इम्यून सिस्टम किसी बीमारी के कारण कमजोर न हो जाए फिर भी यदि आपकी उंगली पर कोई कट या चोट है तो बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है इसलिए, जब आप किसी के साथ कंप्यूटर या लैपटॉप शेयर करें तो सतर्क रहें। उदाहरण के लिए, अगर आपके इस्तेमाल करने से पहले किसी और ने कीबोर्ड का इस्तेमाल किया है और वह फ्लू या अन्य किसी बीमारी का शिकार है, तो आप भी बीमार हो सकते हैं।

महिलाओं की डेस्क पर होते हैं ज्यादा बैक्टीरिया
इस स्टडी ने पूरे यूनाइटेड स्टेट्स में मौजूद कई ऑफिस से सैंपल लिए और यह भी देखा कि महिलाओं की डेस्क पर पुरुषों की तुलना में ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। शिकागो के नॉर्थवेस्टर्न मेमोरियल हॉस्पिटल की एक स्टडी में पाया गया कि दो खतरनाक बैक्टीरिया- वीआरई (VRE-Vancomycin Resistant Enterococcus Faecium) और एमआरएसए (MRSA- Methicillin Resistant Staphylococcus Aureus) कीबोर्ड पर 24 घंटे तक जीवित रह सकते हैं, जबकि एक अन्य सामान्य लेकिन कम खतरनाक बैक्टीरिया जैसे पीए (PA- Pseudomonas Aeruginosa) कीबोर्ड पर एक घंटे तक जीवित रह सकते हैं।
ऐसे करें अपना बचाव
हमारे आस-पास कई सारे बैक्टीरिया मौजूद हैं, लेकिन ज्यादातर बैक्टीरिया हमें बीमार नहीं करते।
हालांकि, कुछ बैक्टीरिया ऐसे हो सकते हैं जो हमें बीमार कर सकते हैं, इसलिए कीबोर्ड का इस्तेमाल करने से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत बनाएं।
. अगर आपके हाथ बहुत गंदे नहीं हैं तो हैंड वॉश की जगह एल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

. अपने चेहरे, आंखों और मुंह को कीबोर्ड छूने के बाद, छूने से बचें।
. लैपटॉप पर काम करने के दौरान खाना न खाएं जब आप खाते हैं और फिर टाइप करते हैं, तो आप अपने मुंह से बैक्टीरिया कीबोर्ड पर ट्रांसफर हो सकते हैं।
. गीले या चिकने हाथों से कीबोर्ड का इस्तेमाल न करें, इससे बैक्टीरिया की ग्रोथ से आप बच सकते हैं।
. अपने काम की जगह को साफ और व्यवस्थित रखें, ताकि कीबोर्ड के आसपास गंदगी न जमा हो सके।
. कीबोर्ड को साफ करने के लिए एंटीबैक्टीरियल वाइप्स का इस्तेमाल करें जो बैक्टीरिया को सही ढंग से खत्म कर सकें।
