दान एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पुण्य कार्य है, और यह किसी भी रूप में किया जा सकता है – चाहे वह धन, संपत्ति, रक्त या कोई और चीज़ हो। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी ने अपना खुद का ब्रेस्ट मिल्क दान किया हो? और वह भी 2600 लीटर! यह सुनकर यकीन करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह एक सच्ची घटना है। हाल ही में, एक अमेरिकी महिला ने 2600 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, और यह दूध उन बच्चों के लिए दान किया गया, जिनकी माताएं उन्हें दूध पिलाने में असमर्थ थीं। इस अद्वितीय कार्य के लिए महिला को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है।
एलिसा ओगलट्री ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
यह चमत्कारी काम किया है टेक्सास की 36 वर्षीय महिला एलिसा ओगलट्री ने। उन्होंने अपना ही 2014 में बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ा है, जब उन्होंने 1,569 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान किया था। अब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए 2,645.58 लीटर दूध दान किया है, और इस अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें गिनीज बुक से मान्यता मिली है। नॉर्थ टेक्सास के मदर्स मिल्क बैंक के अनुसार एक लीटर ब्रेस्ट मिल्क लगभग 11 समय से पहले जन्मे बच्चों को पोषण दे सकता है। इस आधार पर एलिसा के दान से 350,000 से अधिक बच्चों को मदद मिली है।
महिला ने साझा की अपनी भावना
गिनीज बुक से बात करते हुए एलिसा ओगलट्री ने इस बारे में अपनी भावनाएं साझा की। उन्होंने कहा, मेरा दिल बहुत बड़ा है, लेकिन अंत में मेरे पास पैसे नहीं हैं और मुझे परिवार का भरण-पोषण करना है। इस वजह से, मैं पैसे के रूप में दान नहीं कर सकती। हालांकि दूध का दान एक ऐसा तरीका था जिससे मैं दूसरों की मदद कर सकती थी। उन्होंने आगे कहा,अगर प्रति औंस तीन का आंकड़ा सही है, तो मैंने 350,000 से अधिक शिशुओं की मदद की है। इस रिकॉर्ड के लिए 89,000 औंस की आवश्यकता थी, लेकिन मैंने टिनी ट्रेजर्स को 37,000 औंस और शायद अपने करीबी दोस्तों को भी कुछ सौ औंस की मदद की है।
सोशल मीडिया पर हर्षोल्लास
एलिसा के इस अद्वितीय दान की खबर सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गई है। लोग इस अद्भुत कार्य को देखकर उनकी सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इस कार्य को रक्तदान से भी अधिक कठिन और प्रभावशाली बताया है, क्योंकि ब्रेस्ट मिल्क का दान केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एक यूजर ने लिखा, 2600 लीटर दूध दान करने के बाद, महिला को जो थकावट और कमजोरी महसूस हुई होगी, उसकी भरपाई हम दुआओं के जरिए करना चाहते हैं।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी कहा कि महिला को इसके लिए सरकार द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही यह रिकॉर्ड बनाने के लिए किया गया हो, लेकिन इस काम से लाखों बच्चों की ज़िंदगी में बदलाव आया है, और ऐसे व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए।
नारी शक्ति की मिसाल
एलिसा ओगलट्री का यह कार्य सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति और संवेदनशीलता का प्रतीक है। यह हमें यह सिखाता है कि हमें अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए भी समाज की भलाई के लिए कुछ न कुछ योगदान देना चाहिए। चाहे वह शारीरिक रूप से कठिन काम हो या मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण, अगर इरादा मजबूत हो, तो किसी भी काम को पूरा किया जा सकता है।
एलिसा का यह अद्वितीय योगदान न केवल एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है, बल्कि यह प्रेरणा भी है कि कैसे हम अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए दूसरों की मदद कर सकते हैं। उनका यह काम न केवल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है, बल्कि यह लाखों बच्चों की ज़िंदगी में रोशनी का स्रोत बना है।
