प्रेग्नेंसी की शुरुआत होते ही महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जैसे उल्टी, मॉर्निंग सिकनेस, थकान, ब्रेस्ट में बदलाव आदि। ये सभी बदलाव हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव के चलते होते हैं। वैसे भी इन दिनों महिला के शरीर में एक भ्रूण विकास हो रहा होता है, तो ऐसे में शारीरिक बदलाव होना लाजिमी ही है। आपने देखा होगा कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कुछ महिलाओं को खाने की स्मेल आते ही उल्टी हो जाती है वे कुछ भी विशेष खा नहीं पाती इसके उलट, ऐसी महिलाओं की भी संख्या कम नहीं है जिन्हें खाने की क्रेविंग काफी ज्यादा होती है। उन्हें तरह-तरह के पकवान खाने का मन करता है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? किन कारणों से प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में फूड क्रेविंग बढ़ने लगती है। आइए, जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए।
प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में इसलिए बढ़ती है फूड क्रेविंग
प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में कई महिलाओं की फूड क्रेविंग बढ़ती है ऐसा होना नॉर्मल है इसके पीछे कई तरह के कारण होते हैं जैसे कि हार्मोनल बदलाव वहीं, इन दिनों महिलाओं के शरीर में कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत ज्यादा मात्रा में होती है जब शरीर में किसी तत्व की कमी होती है तो अक्सर बॉडी को फूड की क्रेविंग होती है फूड क्रेविंग का अन्य कारण है कि साइकोलॉजिकल फैक्टर। असल में, इन दिनों महिलाओं को बार-बार मूड स्विंग होता है ऐसी कंडीशन में महिलाएं अपने इमोशन को कंट्रोल करने के लिए कुछ खाने की इंपॉर्टेंस देती है वहीं, यदि प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में महिलाएं किसी चीज के खाने के बारे सोचती हैं, किसी को स्वादिष्ट भोजन करते हुए देखती है, तब भी उनमें खाने की चाह बढ़ जाती है।

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में फूड क्रेविंग को रोकना जरूरी है
फूड क्रेविंग होना कोई बुरी बात नहीं है वैसे भी इन दिनों महिला को ज्यादा पोषक तत्वों की जरुरत होती है। महिला जिस भी तरह की डाइट का सेवन करती है, उसका आहार भ्रूण के विकास पर पड़ता है इसलिए, जरूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं हेल्दी चीजें खाएं लेकिन, अगर फूड क्रेविंग होने पर महिलाएं अनहेल्दी चीजों का सेवन ज्यादा मात्रा में करती है, तो यह उनकी हेल्थ के लिए सही नहीं है इसका नेगेटिव असर बच्चे के विकास पर भी पड़ता है इसलिए, अगर स्ट्रीट फूड, जंक फूड आदि खाने की क्रेविंग बढ़ रही है, तो उसे सीमित करें। हफ्ते में एक बार ही जंक फूड का सेवन करें अगर प्रेग्नेंसी से जुड़ी किसी तरह की जटिलताएं हो तो बेहतर है कि आप अनहेल्दी डाइट बिल्कुल फॉलो न करें। आपको प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में क्या खाना है और क्या नहीं, इस बारे में डॉक्टर से बात करें।
प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में फूड क्रेविंग बढ़ने पर कब जाएं डॉक्टर के पास
फूड क्रेविंग का मतलब है कि कोई चीज खाने की चाह होना लेकिन, यदि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में आपको मिट्टी, डिटर्जेंट, क्ले, पेंट आदि खाने की मन करे, तो इस बारे में आप डॉक्टर को जरूर बताएं। ध्यान रखें कि यह स्थिति नहीं है। इस तरह की चीजें खाने की क्रेविंग होने का मतलब है कि आपमें किसी न किसी तरह के न्यूट्रिशन की कमी है ध्यान रखें कि क्ले, मिट्टी, सर्फ आदि चीजें खाने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी नुकसानदायक हो सकती हैं।

