लो ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपोटेंशन (Hypotension) कहा जाता है, अक्सर एक गंभीर स्थिति बन जाता है, खासकर बुजुर्गों के लिए। यह समस्या सामान्यतः नजरअंदाज की जाती है, लेकिन यह बुजुर्गों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और उनकी जान भी ले सकती है। हाल ही में, देश की दो बड़ी हस्तियों, रतन टाटा और लोक गायिका शारदा सिन्हा, का निधन भी लो ब्लड प्रेशर के कारण हुआ था। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बढ़ती उम्र में लो ब्लड प्रेशर क्यों खतरनाक होता है और इसके लक्षणों की पहचान कैसे करें।

लो ब्लड प्रेशर क्या है

ब्लड प्रेशर हमारी धमनियों में खून के दबाव को कहते हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 मिमी एचजी होता है। जब यह 90/60 मिमी एचजी तक गिर जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) कहा जाता है। ब्लड प्रेशर का बढ़ना या घटना दोनों ही शरीर के लिए खतरनाक हो सकते हैं। हालांकि, लो ब्लड प्रेशर कुछ मामलों में ज्यादा खतरनाक हो सकता है, खासकर बुजुर्गों के लिए।

लो ब्लड प्रेशर बुजुर्गों के लिए क्यों खतरनाक है

लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉक्टर अशोक अग्रवाल के अनुसार, बुजुर्गों में लो ब्लड प्रेशर हार्ट और ब्रेन के कार्य पर गंभीर असर डाल सकता है। जब रक्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता, तो इससे अंगों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल और मस्तिष्क ठीक से काम नहीं कर पाते। यह स्थिति हार्ट फेलियर या स्ट्रोक का कारण बन सकती है, जो जानलेवा हो सकती है।

लो ब्लड प्रेशर के कारण

लो ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बढ़ती उम्र सबसे प्रमुख है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, थायरॉयड समस्याएं, तनाव, और हृदय संबंधी बीमारियां भी इसके कारण हो सकती हैं।

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण

बेहोशी आना या चक्कर खाकर गिरना

धुंधला नजर आना

सांस लेने में परेशानी

अत्यधिक थकान और कमजोरी

उल्टी आना

यदि किसी बुजुर्ग को इन लक्षणों का सामना हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह स्थिति गंभीर हो सकती है।

बुजुर्गों में लो ब्लड प्रेशर से बचाव के उपाय

संतुलित आहार

खाने-पीने का ध्यान रखें और खानपान को मिस न करें। विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर आहार लें।

पानी की अधिकता

शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें, जिससे रक्तदाब स्थिर रहता है।

स्ट्रेस से बचाव

मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है।

वॉक और व्यायाम

रोजाना आधे घंटे की वॉक करें, जिससे शरीर में रक्तसंचार बेहतर रहेगा।

पर्याप्त नींद

पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लें, ताकि शरीर ठीक से कार्य कर सके।

रूटीन चेकअप

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं, ताकि ब्लड प्रेशर और अन्य समस्याओं का पता जल्दी चल सके।

दवाइयां

अगर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां हैं, तो उन्हें समय पर लें।

लो ब्लड प्रेशर बुजुर्गों के लिए एक गंभीर समस्या हो सकती है, लेकिन समय रहते पहचानने और सही उपाय अपनाने से इससे बचा जा सकता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।

By tnm

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