हरियाणा में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, विशेषकर गुरुग्राम में जहां अब तक 175 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। डेंगू के इस बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने रैपिड रिस्पॉन्स एक्शन टीम के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा घरों में लार्वा की जांच की और जिन घरों में लार्वा पाया गया, वहां के 17,000 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
गुरुग्राम के दौलताबाद, वजीराबाद और चकरपुर जैसे इलाके डेंगू के हॉटस्पॉट बन चुके हैं, और यहां स्वास्थ्य विभाग ने सैकड़ों लोगों की रोजाना जांच का काम शुरू कर दिया है ताकि संक्रमण फैलने से पहले इसे नियंत्रित किया जा सके। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर इस मौसम में डेंगू के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और इससे बचाव के क्या उपाय हैं।
हल्की ठंड में क्यों बढ़ते हैं डेंगू के मामले
सर्दी के मौसम में डेंगू के मामलों में वृद्धि का मुख्य कारण मच्छरों का सक्रिय रहना है। आमतौर पर, मच्छर गर्म और आर्द्र वातावरण में ज्यादा पनपते हैं, लेकिन हल्की ठंड भी उनकी वृद्धि के लिए अनुकूल हो सकती है। दरअसल तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है तो यह डेंगू फैलाने वाले एडिज एजिप्टि मच्छरों के लिए आदर्श प्रजनन परिस्थितियां बनाती हैं। इस तापमान में मच्छर जीवित रहते हैं और अंडे देते रहते हैं, जिससे उनके संख्या में लगातार वृद्धि होती है। इसके अलावा सर्दी के मौसम में मच्छर कम सक्रिय नहीं होते, बल्कि धीमी गति से उनका जीवन चक्र चलता रहता है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार होना
सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द होना
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
त्वचा पर लाल दाने होना
थकावट, उल्टी और मतली की समस्या होना
प्लेटलेट्स की संख्या में कमी होना
डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू से बचने के लिए कुछ खास कदम उठाए जा सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर हम खुद को और दूसरों को इस गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं:
मच्छरों से बचाव
मच्छरों से बचने के लिए रात के समय मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
खुली त्वचा को ढकें
जब भी बाहर जाएं तो पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और विशेष रूप से बच्चों को ढके हुए कपड़े पहनाने का ध्यान रखें।
पानी जमा न होने दें
मच्छरों के प्रजनन के लिए पानी का जमाव जरूरी होता है। इसलिए घर और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें। पानी की टंकी, गमले, टायर आदि में पानी न जमा होने पाए।
साफ-सफाई बनाए रखें
नियमित रूप से घर की सफाई करें, खासकर उन जगहों पर जहां पानी जमा हो सकता है, जैसे गमले, पुराने बर्तन, और कूड़े के ढेर।
स्वास्थ्य जांच
डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्लेटलेट्स की कमी पर नजर रखें और नियमित जांच करवाएं।
डेंगू का इलाज
पर्याप्त आराम करें
दर्द और बुखार का उपचार करें
प्लेटलेट्स की निगरानी करें
स्वास्थ्य खराब होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
