कोलिक एक ऐसी समस्या है, जिसके होने पर एक स्वस्थ शिशु लंबे समय तक रोता है और चिड़चिड़ापन महसूस करता है। ऐसा पाचन क्षमता का प्रभावित होना, फूड एलर्जी या पाचन तंत्र में बैक्टीरिया के असंतुलन के कारण हो सकता है लेकिन बच्चे के बोल न पाने के कारण पेरेंट्स उसकी स्थिति को समझ नहीं पाते वे असहाय महसूस करते हैं और उन्हें लगता है कि बच्चे को कोई गंभीर बीमारी हो गई है। इसके कारण बच्चा देर तक और तेज-तेज रोता रहता है इससे बच्चे की असहजता भी बढ़ती है। रोने के कारण उसे थकान भी होती है। आमतौर पर ऐसा शाम के समय ज्यादा देखने को मिलता है। ऐसे में पेरेंट्स के लिए यह जान लेना बहुत जरूरी है कि बच्चे को कोलिक होने पर किस तरह के लक्षण दिखते हैं। आइए जानते हैं।

बच्चे में कोलिक के लक्षण

कोलिक की समस्या 6 हफ्ते के शिशु से लेकर 3-4 महीने के शिशुओं में ज्यादा देखी जाती है।

बिना वजह रोना

कोलिक की अवस्था में बच्चा बिना वजह रोता रहता है जैसे, बच्चे भूख लगने या अपना कपड़ा गीला करने पर रोते हैं जबकि, कोलिक की स्थिति में बच्चा बिना वजह रोता है। ऐसी स्थिति में उसे गोद में खिलाया जाए, घुमाया जाए या स्तनपान कराया जाए तो भी बच्चे का रोना बंद नहीं होता।

शरीर में तनाव होना

बच्चे के शरीर में अजीब किस्म का तनाव महसूस करना जैसे पैर ऊपर की ओर खिंचे हुए या कड़े हो जाना, हाथ कड़े हुए, मुट्ठियां बंधी हुई आदि। कई बार इस स्थिति में आराम आता है, जब बच्चे गैस रिलीज करते हैं तो इससे बच्चे को रिलैक्स फील होता है और उनका रोना कम हो जाता है।

चेहरे का रंग बदलना

कोलिक की स्थिति में बच्चा इतनी तेज-तेज रोता है कि उसके चेहरे का रंग ही बदल जाता है। बच्चा रोने पर बहुत ज्यादा जोर देने के कारण उसका चेहरा लाल हो जाता है। कई बार इस स्थिति में पेरेंट्स घबरा जाते हैं और जल्दी डॉक्टर के पास चले जाते हैं।

तेज-तेज रोना

कोलिक के कारण बच्चा तेज और बहुत देर तक रोता रहता है। कई बार उसके चेहरे पर ऐसे एक्सप्रेशन आते हैं, जैसे उसे बहुत तेज पेट में दर्द हो या वह परेशान है। इस कंडीशन में बच्चे को चुप कराने के बाद भी वह चुप नहीं होता।

शाम को समस्या का बढ़ जाना

कोलिक की समस्या अक्सर बच्चे को शाम के समय होती है। आश्चर्य की बात है कि जिस बच्चे को दिक्कत होती है वो शाम को एक फिक्स समय पर रोजाना रोना शुरू करता है और वह लगातार घंटों तक रोता रहता है। इसकी वजह से उसमें चिड़चिड़ापन महसूस होता है, जिसे पेरेंट्स भी सही तरह से समझ नहीं पाते और बच्चे की किसी तरह की मदद नहीं कर पाते यहां तक स्तनपान कराकर चुप कराने की कोशिश में अक्सर बच्चा ओवरफीड कर लेता है, जिससे उसे पेट में दर्द या गैस बनने की शिकायत हो जाती है।

पेरेंट्स करें ये काम

अगर पेरेंट्स को समझ नहीं आए कि बच्चा बहुत देर से क्यों रो रहा है, तो उसे कुछ ही घंटों बाद डॉक्टर के पास ले जाएं इस बात का ध्यान रखें कि कई बार बच्चा किसी बीमारी या असुविधा के कारण रो सकता है ऐसे में एक्सपर्ट की जांच जरूरी है।

By tnm

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