भारत के मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित बल का 1 नवंबर को निधन हो गया। वे फैशन की दुनिया के एक प्रसिद्ध नाम थे और उन्होंने अपने अनोखे डिजाइन से लाखों दिलों में जगह बनाई थी। आखिरी बार उन्हें लैक्मे इंडिया फैशन वीक में देखा गया था, जहां बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे उनके लिए शो स्टॉपर बनी थीं। लेकिन लंबे समय से दिल की गंभीर बीमारी डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (DCM) से जूझ रहे रोहित बल का निधन इस बीमारी के कारण हुआ।
रोहित बल ने अपनी मौत से कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर अपनी बीमारी और अंतिम समय के बारे में खुलकर बात की थी। इस पोस्ट में उन्होंने अपने फॉलोवर्स से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की और बताया कि कैसे इस खतरनाक बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर किया। आइए जानते हैं डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (DCM) के बारे में, जो दिल के लिए एक जानलेवा बीमारी साबित हो सकती है।
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (DCM) क्या है

डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (Dilated Cardiomyopathy) एक गंभीर और दुर्लभ हृदय रोग है, जिसमें दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और दिल का आकार बढ़ जाता है। इस बीमारी के कारण दिल के निचले हिस्से, जिसे लेफ्ट वेंट्रिकल कहा जाता है, की पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। इससे रक्त और ऑक्सीजन का शरीर के अंगों तक सही तरीके से पहुंचना मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप दिल को सामान्य कामकाज करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। यह बीमारी अगर समय पर न पकड़ी जाए, तो यह दिल की कार्यक्षमता को पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है और जीवन के लिए खतरा बन सकती है।
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी के कारण
अनुवांशिकी (Genetics)
यह बीमारी कभी-कभी पारिवारिक हो सकती है और पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ सकती है।
वायरल इंफेक्शन
कुछ वायरस, जैसे कि कॉकसाकी वायरस, दिल की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकते हैं।
अत्यधिक शराब का सेवन
शराब का अत्यधिक सेवन भी डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी का कारण बन सकता है।
दवाइयां और केमिकल्स
कुछ दवाइयां और केमिकल्स भी दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ऑटोइम्यून बीमारियां
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा दिल की मांसपेशियों पर हमला करने के कारण भी यह बीमारी हो सकती है।
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी के लक्षण
थकान और कमजोरी महसूस होना
सांस फूलना
पैरों और टखनों में सूजन आना
दिल की धड़कन का अनियमित होना
छाती में दर्द होना
बेहोशी और चक्कर आना
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी का निदान
इस बीमारी का सही समय पर निदान बेहद जरूरी है। डॉक्टर विभिन्न परीक्षणों के माध्यम से इस बीमारी का पता लगा सकते हैं, जैसे:
इकोकार्डियोग्राम
यह दिल की संरचना और उसकी पंपिंग क्षमता का आकलन करने में मदद करता है।
ईसीजी (ECG)
यह दिल की धड़कनों में असामान्यताओं का पता लगाने के लिए किया जाता है।
एमआरआई (MRI)
दिल की मांसपेशियों के आकार और कार्य का निरीक्षण करने के लिए।
रक्त परीक्षण
शरीर में किसी प्रकार के संक्रमण या अन्य कारणों का पता लगाने के लिए।
बायोप्सी
कुछ मामलों में दिल की मांसपेशियों के ऊतकों का परीक्षण भी किया जाता है।
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी का इलाज
इस बीमारी का इलाज विभिन्न कारणों और लक्षणों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है। इलाज में दवाइयों, लाइफस्टाइल चेंजेस और कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
दवाइयां
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, दिल की धड़कन नियमित करने और शरीर में फ्लूइड्स को नियंत्रित करने के लिए दवाइयाँ दी जा सकती हैं।
लाइफस्टाइल चेंजेस
नमक का सेवन कम करना, शराब और कैफीन से बचना, और नियमित व्यायाम करना।
सर्जरी
गंभीर मामलों में दिल के पंपिंग फंक्शन को सपोर्ट करने के लिए पेसमेकर या डिफिब्रिलेटर जैसे उपकरणों का इम्प्लांट किया जा सकता है।
हार्ट ट्रांसप्लांट
गंभीर और लाइलाज मामलों में दिल का प्रत्यारोपण की सलाह दी जा सकती है।
बचाव
धूम्रपान और शराब से बचें।
नियमित व्यायाम करें, लेकिन अत्यधिक मेहनत वाले व्यायाम से बचें।
स्वस्थ आहार लें जिसमें सोडियम की मात्रा कम हो।
तनाव के स्तर को नियंत्रित रखें।
दिल के मरीजों को नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
रोहित बल की दुखद मौत ने एक बार फिर हमें यह याद दिलाया कि दिल की बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर इलाज कितना महत्वपूर्ण है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन इस बीमारी ने उनके जीवन को बहुत जल्दी छीन लिया।
