हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक अजीब और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक किशोर के पेट से डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान 56 वस्तुएं बरामद की हैं, जिनमें घड़ी के सेल, चैन का कुंदा, ब्लेड का टुकड़ा और एक पेच शामिल हैं। इस घटना ने न केवल परिवार को हिलाकर रख दिया है, बल्कि स्थानीय चिकित्सा समुदाय को भी चकित कर दिया है कि इतनी बड़ी संख्या में ये वस्तुएं किशोर के पेट में कैसे पहुंची।

बच्चे की मौत का मामला

रत्नगर्भा कॉलोनी के रहने वाले आदित्य (कक्षा 9 का छात्र) की 28 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे मौत हो गई। उसके परिवार ने बताया कि आदित्य की मौत ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है। 13 अक्टूबर को किशोर ने पेट में दर्द और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसे जयपुर के एक अस्पताल के लिए रेफर किया गया। चार से पांच दिन की चिकित्सा के बाद उसे घर भेज दिया गया।

घर आने के बाद, आदित्य को 19 अक्टूबर को फिर से सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद परिजन उसे अलीगढ़ के एक अस्पताल ले गए। जांच के बाद उसे वापस घर भेज दिया गया। लेकिन समस्या बनी रही। 25 अक्टूबर को किशोर का नाक का सिटी स्कैन कराया गया, जिसमें नाक के अंदर गांठ दिखाई दी। 26 अक्टूबर को उसका ऑपरेशन हुआ और गांठ निकाल दी गई, जिससे सांस लेने की समस्या दूर हो गई।

पेट में वस्तुओं का अचंभित करने वाला मामला

हालांकि, किशोर की पेट में दर्द की समस्या बनी रही। 26 अक्टूबर को जब उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया, तो डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन दोनों ही चकित रह गए, क्योंकि अल्ट्रासाउंड में किशोर के पेट में 19 वस्तुएं दिखाई दीं। डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया। नोएडा के फॉर्टिज हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड के बाद यह संख्या बढ़कर 42 हो गई। अंत में, सफदरजंग अस्पताल में अंतिम अल्ट्रासाउंड में किशोर के पेट से कुल 56 वस्तुएं निकाली गईं।

ऑपरेशन और किशोर की अचानक मौत

किशोर के पिता, संचेत शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे की हार्टबीट 280 थी, जो बेहद चिंताजनक थी। 27 अक्टूबर को 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद सभी वस्तुओं को बाहर निकाल दिया गया और पेट पूरी तरह साफ पाया गया। लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से पेट में दर्द की शिकायत आई और अल्ट्रासाउंड में तीन और वस्तुएं निकाली गईं।

28 अक्टूबर को आदित्य की मौत हो गई। परिवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोर के गले में कोई घाव का निशान नहीं मिला, जिससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया कि उसने इन वस्तुओं को निगला कैसे। किशोर की मौत ने कई सवाल उठाए हैं, जैसे कि इतनी बड़ी संख्या में घड़ी के सेल उसके पेट में कैसे पहुंचे? क्या यह आत्महत्या का प्रयास था, या फिर कोई और कारण था?

By tnm

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