ब्रेस्ट कैंसर को अक्सर महिलाओं से जोड़ा जाता है, लेकिन यह केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है। यह सच है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले कम होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह खतरा नहीं है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का पता अक्सर लेट स्टेज में चलता है, क्योंकि वे इसके लिए कोई स्क्रीनिंग नहीं करवाते हैं और इसकी दर भी कम होती है। इसलिए पुरुष इस कैंसर से बेखबर रहते हैं, और जैसे ही पता चलता है, तब इलाज करना मुश्किल हो जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर का निर्माण कैसे होता है
ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब ब्रेस्ट की कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ने लगती हैं। पुरुषों में यह कैंसर ब्रेस्ट के आसपास के टिश्यूज में विकसित होता है। चूंकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में कम ब्रेस्ट टिश्यू होते हैं, इसलिए यह कैंसर उनके लिए कम आम है। हालांकि कुछ पुरुषों में यह कोशिकाएं विकसित हो सकती हैं, विशेषकर जब उनकी उम्र बढ़ती है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण
बढ़ती उम्र
अधिकांश कैंसरों की तरह, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ती उम्र के साथ बढ़ता है। यह आमतौर पर पुरुषों में लेट उम्र में विकसित होता है।
जेनेटिक म्यूटेशन
कुछ पुरुषों में जीन्स में वंशानुगत म्यूटेशन के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर विकसित हो सकता है।
परिवार का इतिहास
अगर आपके परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास रहा है, तो आपको इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर सिरोसिस
लिवर सिरोसिस की स्थिति में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने के कारण भी पुरुषों में इस कैंसर का रिस्क बढ़ता है।
शराब का सेवन
बहुत ज्यादा शराब पीना भी ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
गांठ बनना
ब्रेस्ट के आसपास दर्द रहित गांठ बन जाती है, जो अक्सर निप्पल के आसपास होती है।
निप्पल में परिवर्तन
निप्पल का लाल होना, पपड़ी बनना, या निप्पल से किसी लिक्विड का डिस्चार्ज होना।
दाने या घाव
निप्पल के आसपास दाने या घाव होना भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के तरीके
शराब का सेवन कम करें
शराब का सेवन कम करने से हार्मोंस संतुलित रहते हैं, जिससे कैंसर का रिस्क कम हो जाता है।
वजन नियंत्रित रखें
शरीर पर जमी एक्स्ट्रा चर्बी को हटाने से एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, जो कैंसर के रिस्क को भी कम करता है।
नियमित जांच
समय-समय पर शारीरिक जांच से कैंसर का पता लगाने में मदद मिलती है, जिससे शुरुआती स्टेज में उपचार संभव होता है।
