सोशल मीडिया पर अक्सर कुछ ऐसे केस सामने आते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसे केस के बारे में सुनकर कई बार व्यक्ति खुद सोच में पड़ जाता है कि क्या सच में ऐसा हो सकता है। अब ताबूत में भी कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ताबूत में बंद एक बच्ची को उसके परिवार वाले दफनाने की तैयारी कर रहे थे। आठ महीने की बच्ची की मौत से उसके माता-पिता काफी दुखी थे। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी बच्ची को दफनाने से ठीक पहले कुछ ऐसा हुआ कि वहां शोक मनाने वाले लोगों में हलचल मच गई और उन्हें तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ा। दरअसल, मृत बच्ची ने अपने अंतिम संस्कार के दौरान संवेदना प्रकट करने आए एक शख्स का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद तुरंत उसे अस्पताल में ले जाना पड़ा। यह घटना ब्राजील की है, आठ महीने की बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। मृत घोषित करने के 16 घंटे बाद उसके अंतिम संस्कार पर आए लोगों ने उसे बच्ची को हिलते हुए देखा।
दफनाने की चल रही थी तैयारी
बताया जाता है कि बच्ची को दफनाने की जब तैयारी चल रही थी। माता-पिता बच्ची को नए कपड़े का सेट पहना रहे थी, तभी वहां मौजूद एक फार्मासिस्ट ने पाया कि उसकी सांसें अभी भी चल रही थीं। जब वहां मौजूद लोगों में से एक ने उसकी उंगलियों को छुआ, तो बच्ची ने उसे कसकर पकड़ लिया। इसके बाद तुरंत आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया और फिर नवजात बच्ची को ताबूत से निकालकर जल्दी से अस्पताल ले जाया गया।

बच्ची की चल रही थी नब्ज
जांच करने पर, पैरामेडिक्स ने पाया कि बच्ची जिसका नाम कियारा था उसकी नब्ज अभी भी चल रही थी। उसे गंभीर देखभाल की तत्काल जरुरत थी। उसमें मृत्यु के कोई लक्षण नहीं मिले, जो आमतौर पर मृत्यु के छह से आठ घंटे के बीच होता है हालांकि, बच्ची को अस्पताल वापस ले जाने पर एक बार फिर मृत घोषित कर दिया गया।
16 घंटे पहले बच्ची को किया गया था मृत घोषित
इस मामले ने ब्राजील की विशेषज्ञ वैज्ञानिक पुलिस ने जब मामले की जांच की तो उन्होंने पाया कि अस्पताल ने बच्ची की मृत्यु की घोषणा उसके असल में मौत होने के 16 घंटे पहले कर दी थी। जब उसे फिर से अस्पताल लाया गया था, तब दूसरी बार में उसकी मृत्यु की पुष्टि की गई थी। अस्पताल ने बच्ची के माता-पिता से माफी मांगी और मामले की गहन जांच का वादा किया।

