बिहार में डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों के बीच एक नया बुखार तेजी से फैल रहा है, जिसे डॉक्टर्स ने “लेम फीवर” या “लंगड़ा बुखार” का नाम दिया है। इस बुखार ने राज्य में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इसके लक्षण गंभीर होते हैं और इससे चलने में परेशानी आती है। ऐसे आइये जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय क्या है।
लंगड़ा बुखार के लक्षण
लंगड़ा बुखार में मरीजों को तेज बुखार के साथ-साथ पैरों में तीव्र दर्द का सामना करना पड़ता है। इस बुखार के लक्षण निम्नलिखित हैं:
मरीज को सामान्य से अधिक बुखार महसूस होना
विशेष रूप से एड़ियों और घुटनों में दर्द होना
पैरों में सूजन होना
लंगड़ा बुखार से संक्रमित व्यक्ति ठीक होने के बाद भी 10 से 15 दिन तक ठीक से चल नहीं पाता। पटना के कई मोहल्लों से ऐसे दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोग इस बुखार के कारण चलने में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
बुखार फैलने के कारण
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बारिश के बाद कुछ क्षेत्रों में वायरस या बैक्टीरिया के विकास के कारण यह बुखार फैल रहा है। यह संभवतः मच्छरों के काटने के माध्यम से संक्रमित हो रहा है। हालांकि, इसके फैलने के सटीक कारणों की जांच जारी है।
इसके अलावा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी इस बुखार के फैलने की एक संभावित वजह हो सकती है। जो लोग बाहर का जंकफूड ज्यादा खाते हैं, उनमें इस बुखार का शिकार होने की संभावना अधिक देखी जा रही है।
लंगड़ा बुखार से बचाव के उपाय
लंगड़ा बुखार मच्छरों से फैलता है, इसलिए इससे बचने के लिए कुछ उपायों का पालन करना जरूरी है:
मच्छर से बचाव
मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं।
साफ-सफाई का ध्यान
अपने आस-पास सफाई रखें, ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो।
खाने में सावधानी
बाहर का खाना खाने से बचें। यदि संभव हो तो घर का बना खाना ही खाएं।
लक्षणों पर ध्यान
घर के किसी सदस्य में यदि पैरों में दर्द या सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
