भारत में जहां अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं, वहीं खाने में भी बहुत वैरायटी है। यहां के लोगों का खानपान बाकी देशों से विभिन्न है। एक रिसर्च में पता चला कि भारत का खाद्य उपभोग पैटर्न दुनिया के सभी G 20 देशों में सबसे ज्यादा अच्छा और पर्यावरण के मुताबिक है। कहा गया है कि 2050 तक अगर कई देश भारत की ही तरह खाद्य उत्पादन और उपभोग का समर्थन करते हैं, तो ये पृथ्वी के लिए लाभदायक होगा।
सबसे खराब रेंकिंग
जानकारी के अनुसार अमेरिका, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया आदि जैसे देशों के डाइट पैटर्न को सबसे खराब रैंकिंग मिली है। यहां ज्यादा मात्रा में फैटी और शुगर फूड्स का सेवन किया जाता है, जिससे मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बताया गया है कि यहां लगभग ढाई अरब लोग ओवरवेट हैं।
Millets
भारत मिलेट्स का दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक है। जो विश्व उत्पादन का 41% हिस्सा है। जिस प्रकार भारत में मिलेट्स के लिए जागरुकता फैलाई जा रही है, उसका जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है। लंबे समय से भारत में मिलेट्स का सेवन किया जा रहा है। मिलेट्स की खपत बढ़ाने के लिए इन कैंपेन को भारत में डिजाइन किया गया है। इनमें राष्ट्रीय मिलेट अभियान, मिलेट मिशन, और ड्राउट मिटिगेशन प्रोजेक्ट शामिल हैं।
भारत के खाने
भारत में वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन दोनों तरह के खाने का मिक्सचर मिलता है। नॉर्थ साइड की तरफ दाल और गेहूं की रोटी के साथ ही मीट बेस्ड चीजें खाई जाती हैं। साउथ की बात करें तो चावल और इससे संबंधित फर्मेंटेड फूड्स का सेवन ज्यादा किया जाता है। उदाहरण के लिए इडली, डोसा, सांभर आदि। यहां के बहुत से लोग मछली और मीट का भी सेवन करना पसंद करते हैं।
यहां के लोग मिलेट्स जैसे जौ, बाजरा, रागी, सोरघम, पर्ल मिलेट, बकव्हीट, चौलाई और दलिया या टूटे हुए गेहूं का भी सेवन करते हैं। रिपोर्ट में मेन फोकस स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों, शाकाहारी और वीगन डाइट के सेवन पर किया गया है।
