प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। खासकर शुरुआती तीन महीने में महिला को शारीरिक समस्याओं का सामना ज्यादा करना पड़ता है, जैसे उल्टी आना, सिर घूमना, मॉर्निंग सिकनेस आदि। यही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हॉट फ्लैशेज भी ज्यादा होते हैं जैसा कि इन दिनों गर्मी का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ चुका है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला को हॉट फ्लैशेज भी आने लगे हैं तो उनके लिए खुद को मैनेज करना काफी मुश्किल हो सकता है। यहां तक कि इसका नेगेटिव असर बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसा नहीं है कि गर्भवती महिलाएं हॉट फ्लैशेज से बच नहीं सकती हैं हालांकि, हार्मोनल बदलाव होना इन दिनों आम है लेकिन, महिला हॉट फ्लैशेज को ट्रिगर करने वाली चीजों से दूरी बनाकर खुद को इस समस्या से बचा सकती है। तो चलिए आपको बताते हैं कि प्रेग्नेंसी में हॉट फ्लैशेज को क्या चीजें ट्रिगर करती हैं।

कैफीन से बनाएं दूरी

प्रेग्नेंसी के दौरान हॉट फ्लैशेज से बचने के लिए कैफीन से दूरी बनाकर रखें दरअसल, यह भी ट्रिगर प्वाइंट्स में से एक है। हालांकि, कैफीन का सेवन करन से एनर्जी बूस्ट होती है और यह बॉडी को एलर्ट रखने में भी मदद करती है लेकिन, यह हॉट फ्लैशेज को भी ट्रिगर करती है।

स्ट्रेस से बनाएं दूरी

स्ट्रेस हर व्यक्ति के लिए खतरनाक है यहां तक कि प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी यह सही नहीं है। स्ट्रेस बढ़ने से इसका बुरा असर हार्मोन पर पड़ता है। वैसे भी प्रेग्नेंसी के दिनों महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। वहीं यदि महिला स्ट्रेस में रहती है तो यह हार्मोंस पर और भी नेगेटिव असर डाल सकता है जो कि हॉट फ्लैशेज को ट्रिगर कर सकता है। गर्भवती महिलाओं को स्ट्रेस से दूर रहना चाहिए।

स्पाइसी फूड न खाएं

कई एक्सपर्ट्स भी यह सलाह देते हैं कि गर्मी के दिनों में लोगों को स्पाइसी फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर की गर्मी बढ़ती है जो कि सही नहीं है। वहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल इंबैलेंस होना नॉर्मल होता है जैसा कि मेनोपॉज के दौरान भी देखने को मिलता है। इस स्थिति में प्रेग्नेंट महिलाओं को स्पाइसी फूड से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। वरना हॉट फ्लैशेज ट्रिगर हो सकती हैं।

टाइट कपड़े न पहनें

गर्मी के दिनों में प्रेग्नेंट महिलाओं को टाइट कपड़े पहनने से बचना चाहिए इससे भी हॉट फ्लैशेज ट्रिगर हो सकती हैं। दरअसल, जब आप खराब फैब्रिक से बने टाइट कपड़े पहनते हैं तो ऑक्सीजन सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है। यही नहीं टाइट कपड़े पहनने की वजह से स्किन में रैशेज, स्किन इरिटेशन जैसी समस्या हो सकती है।

सही नहीं वजन का बढ़ना

प्रेग्नेंसी में हेल्दी वेट गेन होना बहुत अच्छी बात है। इसका मतलब है कि बच्चा और मां दोनों स्वस्थ हैं और बच्चे की ग्रोथ भी अच्छी तरह से हो रही है लेकिन, यदि प्रेग्नेंट महिला का वजन सामान्य से ज्यादा बढ़ रहा है तो यह सही नहीं है। इसका मतलब है कि महिला मोटापे की ओर बढ़ रही है ध्यान रखें कि मोटापे की वजह से भी हॉट फ्लैशेज ट्रिगर हो सकती हैं।

ऐसे बचें हॉट फ्लैशेज से

. हमेशा कंफर्टेबल ड्रेसेज पहनें। कपड़े ढीले हों और उनका फैबिक भी अच्छा हो, ताकि स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम से बचा जा सके।

. प्रेग्नेंसी के दौरान हॉट फ्लैशेज होना नेचुरल है इसे रोका नहीं जा सकता है क्योंकि हार्मोनल बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है। समय के साथ-साथ इसमें अपने आप सुधार आने लगता है। हां आप कुछ चीजें करके हॉट फ्लैशेज के ट्रिगर प्वाइंट को मैनेज कर सकती हैं।

. प्रेग्नेंट महिलाएं गर्मी के दिनों में कमरे के अंदर रहे और कमरे का तापमान सामान्य बनाए रखें।

. इस दौरान खूब पानी पिएं ताकि बॉडी टेम्परेचर मेंटेन करने में मदद मिले।

. डाइट में स्पाइसी फूड शामिल न करें। इसके बजाय हाइड्रेटिंग फूड ज्यादा अच्छे साबित होंगे।

By tnm

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