सिजोफ्रेनिया एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है जो व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करता है लेकिन अब इस बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खुशखबरी है एफडीए ने अनुमोदित नई दवा सिजोफ्रेनिया के लक्षणों को प्रबंधित करने का एक नया तरीका दिया है। अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन ने व्यस्कों में सिजोफ्रेनिया के उपचार के लिए ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब की कोबेनफी (Cobenfy) जैनोमेलाइन और ट्रोस्पियम क्लोराइड(Xanomeline and Trospium choride) दवा को मंजूरी दे दी है। कंपनी का दावा है कि नई मौखिक दवा दशकों में पहली नई श्रेणी की ऐसी दवा है जो डोपामाइन मार्ग को प्रभावित किए बिना मस्तिष्क में विशिष्ट रिसेप्टर्स को लक्षित करके एक अलग दृष्टिकोण देती है।
आखिर क्या होता है सिजोफ्रेनिया?
सिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है जो व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। अगर बात इसके लक्षणों की करें तो भ्रम, मतिभ्रम, अव्यवस्थित सोच और खराब कार्यप्रणाली। यह आमतौर पर टीनएजर्स के अंत या फिर एडल्ट की शुरुआत में उभरती है। इससे निपटने के लिए डॉक्टर अक्सर एंटीसाइकोटिक दवाओं और थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब के बोर्ड अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस बोर्नर ने कहा कि- ‘सिजोफ्रेनिया के लिए हमारी प्रथम श्रेणी की उपचार पद्धति को आज मिली ऐतिहासिक मंजूरी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहां 30 से ज्यादा सालों के बाद अब सिजोफ्रेनिया के लिए पूरी तरह से नया औषधीय दृष्टिकोण हैं जिसमें उपचार प्रतिमान को बदलने की क्षमता है’।

अमेरिका में लगभग 2.8 मिलियन लोग जूझ रहे बीमारी से
सिजोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो अमेरिका में लगभग 2.8 मिलियन लोगों को प्रभावित करती है वर्तमान उपचारों के परिणामस्वरुप अक्सर अपर्याप्त लक्षण नियंत्रण या असहनीय दुष्प्रभाव होते हैं। कोबेनफी का इमर्जेंट क्लिनिकल परीक्षणों के डेटा के आधार पर मंजूरी दी गई थी, जिसमें प्लेसबो की तुलना में सिजोफ्रेनिया के लक्षणों में जरुरी कमी देखी गई। इन 3 चरणों के परीक्षणों में कोबेनफी के साथ इलाज किए गए रोगियों ने अपनी स्थिति में काफी सुधार दिखाया जैसे कि पॉजिटिव और नेगेटिव सिंड्रोम स्केल(PANSS) के द्वारा मापा गया था। कोबेनफी ने पांच हफ्ते में मरीजों की ऑवरऑल हेल्थ में सुधार भी दिखाया था। दवा के सामान्य दुष्प्रभावों में मतली,कब्ज और चक्कर आना शामिल हैं लेकिन असामान्य एंटीसाइकोटिक्स से जुड़ी कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।
एक्सपर्ट्स की दवा को लेकर राय
सेगल ट्रायल्स के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी और चिकित्सा निदेशक तथा emergent कार्यक्रम के अन्वेषक ऋषि कक्कर ने कहा कि – ‘इसकी विषम प्रकृति के कारण, सिजोफ्रेनिया सभी के लिए एक समान स्थिति नहीं है और लोग अक्सर खुद को उपचार बंद करने और बदलने के चक्र में पाते हैं’। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोबेनफी की स्वीकृति सिजोफ्रेनिया के उपचार में एक परिवर्तनकारी क्षण है क्योंकि यह दवा पारंपरिक उपचारों की तुलना में मस्तिष्क में एक अलग तंत्र का इस्तेमाल करती है। ऐतिहासिक रुप से सिजोफ्रेनिया के लिए ज्यादातर एंटीसाइकोटिक दवाईयों ने लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए डोपामाइन मार्गों विशेष रुप से D2 रिसेप्टर्स को लक्षित किया है हालांकि इस दृष्टिकोण की सीमाएं हैं क्योंकि कई रोगी या तो अच्छी तरह से प्रतिक्रिया नहीं करते हैं या महत्वपूर्ण दुष्प्रभावों का अनुभव करते हैं। दूसरी ओर कोबेनफी मस्तिष्क में M1 और M4 रिसेप्टर्स को लक्षित करता है जो सिजोफ्रेनिया के लक्षणों को प्रबंधित करने का एक नया तरीका देता है। रोगियों को और ज्यादा सहायता देने के लिए ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब ने कोबेनफी केयर्स नाम का एक कार्यक्रम शुरु किया है जो दवा निर्धारित करने वालों को संसाधन और सहायता देता है।

