हैंगओवर के इलाज के लिए कई घरेलू उपाय अपनाए जाते हैं, जैसे नींबू पानी पीना, दही खाना या खट्टी चीजों का सेवन करना। इन सभी में से सबसे आम उपाय है ज्यादा पानी पीना, क्योंकि यह माना जाता है कि पानी पीने से मतली, सिरदर्द और थकान से राहत मिलती है। लेकिन हाल ही में एक नए अध्ययन ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। इस रिसर्च में दावा किया गया है कि ज्यादा पानी पीने से हैंगओवर पर कोई खास असर नहीं होता।
क्या कहता है नया अध्ययन
नीदरलैंड के यूट्रेक्ट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक अध्ययन किया जिसमें यह पाया गया कि पानी पीने से हैंगओवर कम नहीं होता। शोधकर्ताओं ने दो समूहों पर रिसर्च की। पहले समूह के लोगों ने शराब पीने के बाद रात को सोने से पहले पानी पिया, जबकि दूसरे समूह ने शराब पीने के बाद पानी नहीं पिया। अगली सुबह जब दोनों समूहों के लोग उठे तो सभी ने समान लक्षण महसूस किए, जैसे सिरदर्द, मतली और थकान। हालांकि जिन्होंने पानी पिया था, उन्होंने कम प्यास महसूस करने की बात कही, लेकिन हैंगओवर के अन्य लक्षण दोनों समूहों में एक जैसे थे।
इससे यह निष्कर्ष निकला कि पानी पीने से केवल प्यास और मुंह सूखने की समस्या कम हो सकती है, लेकिन यह हैंगओवर के मुख्य लक्षणों जैसे सिरदर्द और मतली को कम नहीं करता है।
पानी से कम नहीं होता हैंगओवर
शोध के प्रमुख लेखक डॉ. जोरिस वर्स्टर ने बताया कि पानी पीने से हैंगओवर के लक्षणों में कोई खास सुधार नहीं होता। उन्होंने कहा कि पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या से तो बचा जा सकता है, लेकिन हैंगओवर का प्राथमिक कारण डिहाइड्रेशन नहीं है। जितनी ज्यादा शराब पी जाती है, उतना ही अधिक हैंगओवर महसूस होता है। इसलिए केवल पानी पीकर इससे राहत नहीं मिल सकती।
क्या है हैंगओवर का उपचार
अध्ययन के अनुसार हैंगओवर के लिए कोई विशेष उपचार मौजूद नहीं है। हैंगओवर की समस्या शराब के सेवन की मात्रा पर निर्भर करती है, और इसे कम करने का कोई पक्का उपाय नहीं है। शोध में यह भी बताया गया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हैंगओवर की समस्या बढ़ती जाती है। इसके पीछे एक प्रमुख कारण यह है कि उम्र के साथ लिवर की कार्यक्षमता भी कम हो जाती है, जिससे शरीर में शराब का प्रसंस्करण धीमा हो जाता है। इस वजह से हैंगओवर का प्रभाव ज्यादा देर तक रहता है और ज्यादा तकलीफदेह होता है।
