किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो टॉक्सिन्स को फिल्टर कर यूरिन के माध्यम से बाहर निकालती है। यदि किडनी सही से काम नहीं करती, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, जिनमें से एक है किडनी फेलियर। किडनी फेलियर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे पीड़ित लोगों को जीवनभर डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि वजन घटाने वाली सर्जरी, जिसे बेरिएट्रिक सर्जरी कहा जाता है, किडनी फेलियर के खतरे को कम कर सकती है, खासकर डायबिटीज टाइप-2 के मरीजों में।
स्टडी में क्या आया सामने

यह स्टडी जर्नल एनल्स ऑफ सर्जरी में पब्लिश हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि वजन घटाने वाली बेरिएट्रिक सर्जरी किडनी के रोगों को 60% तक कम करने में सक्षम हो सकती है। स्टडी के अनुसार डायबिटीज टाइप-2 के मरीजों में किडनी फेलियर का खतरा अधिक होता है, जो अक्सर उनकी मृत्यु का कारण भी बनता है। रिपोर्ट में बताया गया कि डायबिटीज के लगभग 40% मरीज किडनी से संबंधित समस्याओं से भी जूझते हैं।
इस स्टडी में पाया गया कि जिन मरीजों ने वजन घटाने की सर्जरी करवाई, उनमें किडनी फेलियर का जोखिम काफी कम हो गया। खासकर डायबिटीज और मोटापे से ग्रस्त मरीजों के लिए यह सर्जरी फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि वजन कम होने से किडनी पर कम दबाव पड़ता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है।
बेरिएट्रिक सर्जरी क्या है

बेरिएट्रिक सर्जरी वजन घटाने की एक प्रक्रिया है, जिसमें पेट और आंतों की सर्जरी करके फैट को कम किया जाता है। यह सर्जरी उन लोगों के लिए की जाती है, जो सामान्य तरीकों से वजन घटाने में सफल नहीं हो पाते। इसके तहत पेट के आकार को छोटा किया जाता है या आंतों के एक हिस्से को हटाया जाता है, जिससे व्यक्ति कम खाना खा सके और वजन घट सके। यह सर्जरी मोटापे से जुड़े कई रोगों, जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, और हाई कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करने में मदद करती है। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी होते हैं, जैसे संक्रमण का खतरा, बीपी का असंतुलन, सांस संबंधी समस्याएं, गैस्ट्रिक परेशानियां, और एनीमिया। इसके अलावा, महिलाओं में इस सर्जरी के बाद गर्भधारण में भी समस्या हो सकती है।
क्या किडनी रोग से राहत मिलेगी

इस स्टडी में क्लीवलैंड क्लिनिक के बेरिएट्रिक और मेटाबोलिक इंस्टीट्यूट ने डायबिटीज टाइप-3 और 4 के 425 मरीजों पर स्टडी किया, जिनमें से 183 लोगों पर वेट लॉस सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद मरीजों में न केवल वजन कम हुआ, बल्कि उनकी किडनी की स्थिति में भी सुधार देखा गया। सर्जरी के बाद मरीजों का हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी नियंत्रित हो गया, जिससे किडनी की कार्यक्षमता बेहतर हुई।
आगे की दिशा
हालांकि इस स्टडी ने यह संभावना जताई है कि बेरिएट्रिक सर्जरी से किडनी फेलियर का खतरा कम हो सकता है, लेकिन अभी इस पर और शोध की आवश्यकता है। किडनी फेलियर से जूझ रहे मरीजों के लिए यह सर्जरी एक नई आशा की किरण हो सकती है, लेकिन इसे करवाने से पहले सभी संभावित जोखिमों और फायदे के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।
