आज जालंधर के पंजाब प्रेस कल्ब में नर्सिंग हाउस सेल आइएमए पंजाब (Nursing House Cell IMA Punjab) की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस जालंधर के प्रेस क्लब में आयोजित की गई जिसमें डॉ. नवजोत सिंह दाहिया, डॉ. दीपक चावला (आईएमए जालंधर के प्रेजिडेंट), डॉ. योगेश्वर सूद, डॉ. राजीव सूद समेत कई डॉक्टर्स ने हिस्सा लिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने यह बताया कि पंजाब में रहने वाले लोगों के लिए आयुष्मान भारत सेवाएं निलंबित की गई हैं। यह निर्णय उन्होंने कई महीनों बाद पैसे न मिलने के कारण लिया है। पिछले छ: महीने से उन्हें काफी मात्रा (600 करोड़) में धनराशि नहीं दी गई जिसके कारण उन्हें काफी नुकसान हो रहा है ऐसे में उन्होंने अब पंजाब में रहने वाले लोगों के लिए आयुष्मान सेवाएं रोक दी हैं। हालांकि आईएमए ने पंजाब के लोगों से माफी भी मांगी है लेकिन पैसे न मिलने के कारण हॉस्पिटल्स भी कर्जे में डूब गए हैं।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से भी की थी बात
हालांकि यह फैसला लेने से पहले नर्सिंग सेल आईएमए पंजाब(Nursing Cell Ima Punjab) ने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (State Health Agency) के सीईओ और स्वास्थ्य मंत्री से भी बात की थी कि उनके पैसों से जुड़े यह मामले सुलझाएं जाए जबकि उन्होंने कहा था कि 15 दिन में इस मुद्दे को सुलझा दिया जाएगा लेकिन फिर भी पैसों से जुड़े इस संकट को दूर करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण अस्पतालों का इलाज से इंकार करने पर दंडात्मक कार्रवाई का सामना भी करना पड़ रहा है, इसलिए नर्सिंग होम आईएमए पंजाब ने आधिकारिक तौर पर इन सेवाओं को बंद कर दिया है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने पैसे में देरी करने का समझौता ज्ञापन का उल्लंघन किया है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है जो निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के प्रति प्रतिशोधात्मक रवैये की ओर इशारा करता है। हालांकि अस्पताल वाले 300 से ज्यादा इमेल्स डाल चुके हैं और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के सीईओ का निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के प्रति खराब व्यवहार को प्रदर्शित करता है।
अस्पतालों को हो रही है समस्या
इन सबके कारण अब अस्पतालों को इसका नुकसान हो रहा है क्योंकि राज्य सरकार खुद भी आर्थिक तंगी से जूझ रही है जिसके कारण हेल्थकेयर स्कीम्स में पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा। यह स्कीम उन मरीजों के लिए भी है जो निजी स्वास्थ्य सेवाओं का खर्चा उठा सकते हैं लेकिन इससे अस्पतालों पर भोज बढ़ रहा है और इन सबके चलते गरीब लोगों को अच्छी देखभाल नहीं मिल रही। कई अस्पताल अपने कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ताओं को पैसे देने के लिए भी कई सारी परेशानियां झेल रहे हैं। वह इन सबके लिए कर्जा ले रहे हैं। दवा और वेंडर्स को 15 दिनों के अंदर भुगतान करने से उनमें आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
बजट पर देना चाहिए ध्यान
आयुष्मान स्कीम में एक और सबसे बड़ा दोष यह है कि इसमें जैसे बड़े-बड़े पैकेज जैसे पित्ताश्य की सर्जरी, हर्निया की सर्जरी और घुटने बदलने की सर्जरी सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही दी गई है। कुछ आसपास के राज्यों में सिर्फ प्राइवेट अस्पताल ही आयुष्मान भारत स्कीम को मरीजों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके, हालांकि पंजाब में मौजूदा सेवाएं लोगों तक सीमित मात्रा में ही पहुंच रही हैं। ऐसे में नर्सिंग सेल आईएमए पंजाब(IMA Punjab) का कहना है कि यदि सरकार अपने राज्य के लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहती है तो उन्हें आयुष्मान भारत स्कीम के बजट को बढ़ाना चाहिए।

क्या है नर्सिंग होम सेल आइएमए (Nursing Home Cell IMA) की डिमांड?
. जल्द 100% पेंडिंग राशियां बिना किसी रुकावट के क्लियर की जाएं।
. पड़ोसी राज्यों के साथ एचबीपी(HBP) 2.2 के पैकेज दरों को मंजूरी दी जाए।
. निजी अस्पतालों को बिना किसी भेदभाव के सभी कार्डधारक पंजाब को जरुरी सेवाएं देने की अनुमति देने के लिए उपचार पैकेजों का आरक्षण।
. मान्यता प्राप्त अस्पतालों को एनबीएच(NBH) प्रोत्साहन की मंजूरी।
. जिला स्तर पर अस्पताल शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना की जाए।
. 15 दिनों के बाद यदि पैसे नहीं आते तो 1% इंटरस्ट दिया जाए।
. किसी भी अस्पताल पर झूठा एक्शन, जुर्माना या झूठी शिकायत होने पर अच्छे से जांच की जाए।
. 5 लाख तक के इलाज के कारण विभिन्न पैकेज पर जनहित विज्ञापन सरकार को जारी करने चाहिए।
. कार्डों पर पूर्वव्यापी स्वीकृति बंद की जाए।
