छोटे बच्चों की आदत होती है कि वे अक्सर रात को सोते समय नींद में ही पेशाब कर देते हैं। 2 साल तक बच्चे का बिस्तर गीला करना आम बात है। इसका कारण यह है कि छोटे बच्चों का मूत्राशय बड़ों की तरह नहीं होता है, जिस कारण वे मूत्र नहीं जमा कर सकते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि कौन सी विशेष जगह पर जाना है।
कई बार बच्चों के बिस्तर गंदे करने की वजह से मां-बाप परेशान रहते हैं। इसलिए आज इस लेख के जरिए आपको बताएंगे इसके उपाय।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सात साल की उम्र के बाद भी अगर बच्चा बिस्तर गीला करना जारी रखता है तो माता-पिता को शीघ्र डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आप किसी बाल विशेशज्ञ का परामर्श ले सकते हैं, क्योंकि उन्हें बच्चों के बारे में ज्यादा जानकारी होती है।
क्या यह एक बीमारी का संकेत है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ मामलों में ये बीमारी का संकेत हो सकता है। जैसे कि यूटीआई, डायबिटीज, क्रोनिक कब्ज, स्लीप एपनिया, इसमें बच्चे को नींद के समय सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके आलावा एन्यूरेसिस भी एक कारण है जिसके चलते ये हो सकता है। आपको बता दें कि अगर माता-पिता में से किसी एक को भी ये है तो बच्चे को भी एन्यूरेसिस होने की संभावना है।
बच्चों को बिस्तर गीला करने से ऐसे रोकें
रात को सोने से पहले बच्चों को किसी प्रकार का तरल पदार्थ देना बंद कर दें, जैसे कि शुगर वाले ड्रिंक्स, नमकीन स्नैक्स आदि। इनके सेवन से बच्चों को पेशाब ज्यादा आता है। सोने से पहले बच्चे को पेशाब जरूर कराएं, इससे यह फायदा होगा बच्चा रात को बिस्तर गीला नहीं करेगा। बहुत बार माता-पिता भी इस चीज से तंग आ जाते हैं और बच्चों के डांट देते हैं, लेकिन ऐसा करने से आप बचें, क्योंकि इसकी वजह से आपके बच्चे के दिमाग पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ सकता है, जिससे उसे परेशानी भी हो सकती है।
