आजकल के जमाने और लाइफस्टाइल के हिसाब से काफी कुछ चीजें बदल रही हैं। हमारे खानपान में भी बहुत सा बदलाव आया है, जिस वजह से लोग बहुत सी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। उन्हें एंग्जायटी, डिप्रेशन, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ओबेसिटी आदि बीमारियां घेर लेती हैं। इस वजह से दिमाग पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, क्योंकि वह हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर हम जैसा भी खाना खाते हैं, जैसे रहते हैं, पहले उसे पता होता है। बहुत से लोग गुस्सा बहुत करते हैं। कुछ लोग तो इतना एग्रेसिव हो जाते हैं कि उनके हाथ-पैर भी कांपने लगते हैं।
ऐसा क्यों होता है
आप भी कभी इस समस्या से गुजरे होंगे या गुजर रहे होंगे, लेकिन आपको पता नहीं है कि यह समस्या है क्या? आपको लगता होगा कि यह सबको होता है लेकिन ऐसा नहीं होता। इसका कारण इमोशनल और मेडिकली जुड़ाव हो सकता है। जब गुस्से के वक्त व्यक्ति के हाथ-पैर कांपते हैं तो उस वक्त हार्मोन नॉर्मल से ज्यादा हो जाते हैं। इस वजह से हाई बीपी, स्ट्रेस आदि दिक्कतें हो सकती हैं। आपको बता दें कि जब शरीर में हार्मोनल चेंज होता है तो उसका बैलेंस बिगड़ जाता है, जिस वजह से हाथ-पैर कांपते हैं।
जब व्यक्ति गुस्से में होता है तो उसका शरीर एड्रलीन नामक टॉक्सिन निकालता है और पूरे बॉडी में फैलाता है।इससे बहुत सी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए यह भी कहा गया है कि ज्यादा गुस्से में रहने से व्यक्ति को हार्ट डिसीज हो सकती है।
उपाय
इसे कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप नेचुरल तरीका अपना सकते हैं। नेचुरल तरीके में योग सबसे अच्छा साधन है। योग में आप अनुलोम विलोम, प्राणायाम, कपाल भाति आदि कर सकते हैं। योग की मदद से स्ट्रैस हर्माेन का लेवल नियंत्रित रहता है।
योग ब्रेन में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है और स्ट्रैस हार्माेन कम निकलता है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं।
