जब बच्चों का जन्म होता है, तो उनके सारे अंगों की गहन जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई जन्मजात गड़बड़ी या समस्या तो नहीं है। किसी भी असामान्यता की पहचान होने पर तत्काल इलाज का प्रबंध किया जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ ब्रिटेन की एक मां के साथ, जिसने अपने नवजात के सिर पर एक अजीबोगरीब निशान देखा। यह कोई सामान्य बर्थ मार्क नहीं था, बल्कि इसके पीछे छिपी थी एक चौंकाने वाली सच्चाई। इस रहस्यमय घटना का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान कुछ ऐसा देखा, जिसे देख वे भी हैरान रह गए।
मां ने देखा रहस्यमय निशान
यह घटना 1982 की है, जब ब्रिटेन में रहने वाली एक मां ने अपनी बच्ची को जन्म दिया। बच्चे की मां ने उसकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन जन्म के कुछ हफ्तों बाद, उसे अपनी बेटी क्लेयर के सिर पर एक रहस्यमय निशान दिखा। शुरुआत में, यह निशान मामूली लगा, लेकिन समय के साथ यह साफ़ होता गया और एक क्रॉस के आकार में दिखने लगा। यह निशान गर्दन से माथे तक और कान से कान तक फैलता दिखा, जो किसी भी मां के लिए चिंताजनक था।
मां ने तुरंत क्लेयर को लंदन के रॉयल अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। अस्पताल पहुंचने पर, बच्ची को न्यूरोसर्जन फरहाद अफशर को दिखाया गया, जिन्होंने इसे गंभीर मामला समझा। उनकी पहली प्रतिक्रिया थी कि यह मस्तिष्क में सूजन हो सकती है, जो दो हिस्सों में बंटी हुई थी। डॉक्टर ने जल्द ही बच्ची का CT स्कैन करवाया, और जो सामने आया, वह किसी के लिए भी चौंकाने वाला था।
दिमाग में पल रहा था जुड़वां बच्चा
CT स्कैन की रिपोर्ट ने बच्ची की मां और डॉक्टरों को भी स्तब्ध कर दिया। स्कैन से यह पता चला कि बच्ची के दिमाग में एक ट्यूमर था, लेकिन यह कोई साधारण ट्यूमर नहीं था। यह ट्यूमर वसा और हड्डियों से बना हुआ था, और इसकी बनावट सामान्य नहीं थी। डॉक्टरों को संदेह हुआ कि यह ट्यूमर नहीं, बल्कि कुछ और था।
बच्ची की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया। बच्ची की उम्र सिर्फ छह महीने थी, और यह सर्जरी बेहद जोखिमभरी थी। सर्जरी के दौरान जब डॉक्टरों ने बच्ची के सिर में चीरा लगाया और ट्यूमर निकालने की कोशिश की, तो उनके सामने एक अद्भुत दृश्य था। दरअसल, बच्ची के सिर में उसका एक जुड़वां भाई या बहन पल रहा था।
सर्जरी के दौरान हुआ खुलासा
डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची के सिर में जो ट्यूमर समझा जा रहा था, वह वास्तव में बच्ची का ही एक अविकसित जुड़वां भ्रूण था। इस भ्रूण के हाथ, पैर, सिर और शरीर के निचले हिस्से का विकास हो चुका था। डॉक्टरों ने तुरंत इस भ्रूण को निकालने का फैसला किया। सर्जरी जटिल थी, लेकिन सफल रही। डॉक्टरों ने यह अविकसित भ्रूण सफलतापूर्वक निकाला, और क्लेयर ने धीरे-धीरे रिकवरी करनी शुरू कर दी।
फिटस इन फिटू: दुर्लभ घटना
यह घटना चिकित्सा जगत में ‘फिटस इन फिटू’ के नाम से जानी जाती है, जिसमें एक अविकसित भ्रूण दूसरे भ्रूण के अंदर विकसित होता है। यह स्थिति बेहद दुर्लभ होती है और लाखों में से किसी एक बच्चे में पाई जाती है। इस मामले में, बच्ची की मां और डॉक्टर दोनों ही इस स्थिति से अनजान थे। हालांकि, समय पर सर्जरी होने से बच्ची की जान बच गई।
चिकित्सा क्षेत्र में एक दुर्लभ केस
यह घटना चिकित्सा क्षेत्र में एक दुर्लभ और चौंकाने वाली घटना के रूप में दर्ज हुई। डॉक्टर्स के लिए यह केस एक चुनौती था, लेकिन उनकी कुशलता और समय पर लिए गए निर्णय ने बच्ची की जान बचा ली।
