त्वचा की रंगत में बदलाव कई तरह से हो सकता है। आम भाषा में कहें तो त्वचा का रंग सामान्य तौर से अलग लगना। स्किन डिस्कलेशन की समस्या हर किसी के लिए अलग-अलग होती है। कुछ लोगों को चेहरे पर डार्क स्पॉट्स और डार्क पैचेस हो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों के चेहरे के कुछ हिस्सों का रंग अलग लगने लगता है। यह समस्या लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ गलतियों जैसे अधूरी नींद, ज्यादा तनाव, अनहेल्दी डाइट और त्वचा की देखभाल न करने के कारण हो सकती है। हालांकि, दवाओं और त्वचा की देखभाल से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। कुछ मामलों में इसका कारण बीमारियां भी हो सकती हैं लेकिन इसका कारण पता लगाना बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
त्वचा की रंगत में बदलाव आने के कारण
मेलेनिन शरीर में मौजूद एक पदार्थ है इससे त्वचा और बालों को रंग मिलता है। लाइफस्टाइल के फेक्टर्स के कारण मेलेनिन के प्रोडक्शन में फर्क आ सकता है। इसका प्रोडक्शन ज्यादा होने से त्वचा का रंग गहरा होने लगता है, वही प्रोडक्शन कम होने का कारण त्वचा का रंग हल्का होता है।

स्किन इंफेक्शन
कई बार स्किन इंफेक्शन त्वचा की रंगत बदलने का कारण भी बन सकता है। इंफेक्शन जैसे कि बैक्टीरियल, फंगल और वायरल होने के कारण से त्वचा के रंग में बहलाव आ सकता है। इसके कारण त्वचा में दर्द, खुजली और जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
हार्मोन्स में बदलाव होना
हार्मोन्स बदलने के कारण त्वचा की रंगत बदलने लगती है। कुछ स्थितियां जैसे कि प्रेग्नेंसी या प्यूबर्टी आने पर आपको हाइपर पिग्मेंटेशन की समस्या हो सकती है। बॉडी में हार्मोन्स में बदलाव होने के कारण से त्वचा में भी फर्क आ सकता है।
चोट लगने का कारण
कई बार चोट के निशान भी त्वचा की रंगत में फर्क ला सकते हैं। चोट जैसे कि घाव ठीक होना, जले का निशान, एलर्जी के बाद रह जाने वाले निशान, छाले और एक्ने आदि। ऐसे में त्वचा में पोस्ट इंफ्लेमेटरी हाइपर पिग्मेंटेशन हो सकती है।
त्वचा से जुड़ी समस्याएं
कुछ इंफ्लेमेटरी स्किन कंडीशन जैसे सोरायसिस, एक्जिमा के कारण भी त्वचा के रंग में बदलाव आने लगता है। इसके अलावा, ऑटोइम्यून डिजीज जैसे कि विटिलिगो में भी त्वचा पर सफेद धब्बे होने लगते हैं।
धूप में ज्यादा जाना
धूप में ज्यादा देर रहने के कारण त्वचा में मेलेनिन का प्रोडक्शन बढ़ने लगता है। इसके कारण त्वचा का रंग गहरा होने लगता है। अगर आप अक्सर धूप में जाते रहते हैं तो आपकी त्वचा की रंगत में फर्क आ सकता है।

यदि आपको भी काफी समय से त्वचा की रंगत में बदलाव महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस समस्या का समय पर इलाज लेने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
