सोमवार, 9 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक की जाने की खबर सामने आई है। बैठक में वस्तुओं की जीएसटी दरों में तो कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 18% जीएसटी को लेकर बात की जा सकती है। इसको लेकर पहले ही फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट काउंसिल को सौंप दी हुई है।
जानकारी के अनुसार, 18% जीएसटी को पूरी तरह से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर से हटाना मुश्किल है, क्योंकि इससे केंद्र और राज्य सरकारों को राजस्व मिलने में मदद मिलती है। बताया जा रहा है कि कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है, बुजुर्गों और निम्न-मध्यम वर्ग के लिए प्रीमियम पर।
सूत्रों का कहना है कि 2023-24 में बीमा प्रीमियम पर जीएसटी से 8,262.94 करोड़ रुपये जुटाए और 1,484.36 करोड़ रुपये का संग्रह स्वास्थ्य पुनर्बीमा प्रीमियम पर हुआ। साथ ही, जानकारी के मुताबिक, राहत केवल निश्चित राशि तक के प्रीमियम पर दी जा सकती है और इसमें निम्न और मध्यम वर्ग शामिल है।
जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाने की मांग की थी तो यह मुद्दा काफा चर्चा में आया था। वित्त मंत्री का कहना है कि राज्यों के वित्त मंत्रियों की सहमती के बिना कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
