सुबह हमें आने वीले दिनों के बारे में जानकारी देती है। सुबह हमें एक नया मौका देती है आगे बड़ने का। जब सुबह धीमी और स्थिर होती है, तो हमें आने वाले दिन के आने वाले घंटों के लिए शरीर और दिमाग को तैयार करने के लिए समय और स्थान मिलता है।

सुबह की शुरुआत धीरे-धीरे और ताज़े दिमाग के साथ करनी चाहिए। सुबह-सुबह कुछ लोग टहलना या साइकिल चलाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ ध्यान और चिंतन करना पसंद करते हैं। कई लोग सुबह के समय अपने प्रियजनों के साथ बिताना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें अपने विचारों को जर्नल में लिखना और अपने दिल की बात अपनी नोटबुक में लिखना पसंद होता है।

दुख से मुक्ति मिलने में मदद

इंसान एक ऐसा जीव है जो सोच सकता है और उसे असलीयत में भी ला सकता है। हर एक प्राणी के अंदर कोई न कोई दुख है। इस दुनिया में कोई भी सुखी नहीं है, जब तक वह खुद महसूस न करें। जब हमारे अंदर दुःख, हानि और उदासी का बोझ होता है, तो हर सुबह एक अभिशाप की तरह महसूस होती है। उठना और बिस्तर छोड़ना कभी-कभी सबसे कठिन काम जैसा महसूस हो सकता है। जर्नलिंग और अपने दिल की बात कागज पर उकेरने से हमें कठिन भावनाओं से उबरने में मदद मिलती है।

अचानक बदलाव

इंंसान की जिंदगी में बदलाव होते रहते हैं। कभी वे खुश होगा, तो कभी दुखी। चाहे दिल टूटा हो या करियर में अचानक बदलाव, बदलाव कभी-कभी डराने वाला हो सकता है, जब हम उसके लिए तैयार न हो या खासकर जब हम अपने जीवन के साथ बहुत सहज हो जाते हैं। जर्नलिंग हमें जीवन को बेहतर ढंग से जानने में मदद करती है।

Stress और Trigger की पहचान

जब भी हम अपने विचार और भावनाएं लिखते हैं, तो तब हम उन तनाव और ट्रिगर को समझ पाते हैं जो हमें अभिभूत महसूस करा सकते हैं। इससे उनकी पहचान करने और उनके माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के तरीके ढूंढने में मदद मिलती है।

Problem Solving Skills

समस्या को कागज पर लिखने से उस पर नए दृष्टिकोण से विचार किया जा सकता है। इससे समस्याओं को चुनौती देने और उनसे निपटने के तरीके खोजने के लिए बेहतर समस्या-समाधान कौशल खोजने में मदद मिलती है।

बेहतर तरीके से रिश्ते सुधारें

जर्नलिंग रिश्ते के पैटर्न और ट्रिगर्स को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। इससे साथी और हमारे व्यवहार पैटर्न के बारे में जानने में अधिक जानकारी मिलती है। जिससे रिश्ते बेहतर बनते हैं।

जर्नलिंग आपकी अच्छी तरह मदद कर सकती है अगर आप किसी चीज से गुजर रहे हों। अगर आपके आस-पास सुनने वाला कोई न हो तो, इसका उपयोग बेहतर तरीके से कर सकते हैं। जर्नलिंग करने से आपको लगेगा कि आपके विचार सच्ची में कोई सुन रहा हो। आप लिखने के साथ-साथ चित्र भी बना सकते हैं। चित्र बनाने से भी आपको अपने विचार समझने में मदद मिलेगी।

आप जिस तरह समझते हैं इस दुनिया और उसके लोगों को आप लिख सकते हैं। कोई आपको उसमें जज नहीं करेगा, वो आपके खुद के विचार होंगे। अगर आपके दोस्त आपकी जर्नल देखना चाहते हैं और आप कुछ चीजें नहीं दिखाने चाहते, तो वे आप छुपा सकते हैं। जरूरी नहीं हर एक चीज दिखानी है आपको। अपने तक सीमित रखें।

दिन में अगर आप कुछ मिनट इसे देते हैं तो आपको लिए काफी फायदेमंद होगा। इसके लिए आपको ज्यादा समय नहीं निकालना है, 10 से 15 मिनट भी बहुत हैं। दिन के अंत में आप आराम से लिख सकते हैं। अगर समय लेकर लिखना है तो आप चाय, कॉफी के मजे लेकर लिख सकते हैं। इससे आप और अच्छी तरह सोच कर लिख पाएंगे।

By tnm

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