झारखंड सिपाही भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान हुई अभ्यर्थियों की मौत ने सबको चौंका दिया है। इस भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट के दौरान 60 मिनट में 10 किलोमीटर दौड़ लगाने का लक्ष्य था। इस दौड़ के दौरान इन 12 अभ्यर्थियों की मौत हो गई। यह मामला चौंकाने वाला तो है ही है और साथ ही यह घटना हम सबके लिए एक अलार्म की तरह है। अब हमें यह सोचना है कि अपनी लाइफस्टाइल में आखिर हम ऐसी क्या गलती कर रहे हैं जिसके चलते कुछ किमी की दौड़ भी हमारे लिए जानलेवा बन रही है। इस घटना के बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन अभ्यर्थियों की मौत का कारण हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक था।
अचानक बीपी हाई होने के लक्षण
हाई बीपी होने पर अपने शरीर में आपको कुछ बदलाव महसूस होगा। यदि आप जरा-सा गौर करते हैं तो लक्षणों को पहचान सकते हैं और जानकारी होने से कई जानें बच सकती हैं।
बहुत ज्यादा सिरदर्द
छाती में दर्द

चक्कर आना
सांस लेने में तकलीफ
मतली होना
आंखों के सामने अंधेरा छाना
एंग्जायटी आदि
दौड़ने से नहीं बढ़ता बीपी
सिर्फ दौड़ने से बीपी नहीं बढ़ता हालांकि, सही से ट्रेनिंग न होना, या खुद को ज्यादा थकाना और डिहाइड्रेशन जैसी कारणों से आपकी हालत बिगड़ सकती है। झारखंड के मामले में सही फिटनेस न होना, सेहत की ठीक से जांच न होना या बहुत ज्यादा थकान जैसे फैक्टर्स कुछ कारण हो सकते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सही तरह से स्क्रीनिंग और ट्रेनिंग प्रोटोकॉल्स जरूरी हैं।
बिना प्रैक्टिस दौड़ना हानिकारक
बिना प्रैक्टिस गंभीर फिजिकल एक्टिविटी करने से आपके कार्डियोवस्कुलर सिस्टम पर असर पड़ता है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से कोई सेहत संबंधी परेशानी है, उन्हें दिक्कत हो सकती है। ऐसा करने से बीपी बढ़ सकता है या दिल से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। हेल्थ रिस्क को कम करने और एक सुरक्षित एक्सरसाइज रूटीन सुनिश्चित करने के लिए सही वॉर्म-अप और रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है।

बीपी बढ़ जाए तो करें ये काम
यदि अचानक बीपी बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। इस दौरान, बिल्कुल शांत रहें, कोई भी गंभीर एक्टिविटी करने से बचें और बीपी मॉनिटर करते रहें। जब तक प्रोफेशनल हेल्प न मिले तब तक खुद को हाइड्रेटेड रखें, नमक कम से कम लें और कुछ रिलैक्सेशन टेक्निक जैसे मेडिटेशन, योग या स्ट्रेचिंग करने की ट्राई करें।
यह बात तो सब जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन बहुत सी कार्डियोवस्कुलर बीमारियों के लिए बड़ा रिस्क है।Indian Dietetic Association के अनुसार, दुनिया में 1.13 बिलियन लोगों को हाइपरटेंशन है और एक अनुमान है कि साल 2025 तक यह संख्या 1.5 बिलियन हो जाएगी। 10 में से 3 मौतें कार्डियोवस्कुलर बीमारियों से होती हैं और कार्डियोवस्कुलर बीमारियों से होने वाली मौतों में से 50% का कारण है हाइपरटेंशन। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम हाइपरटेंशन के बारे में अच्छे से समझें और जानें। हाई बीपी आज के जमाने में सबसे कॉमन समस्या है जिससे लोग जूझ रहे हैं और चिंता वाली बात तो यह है कि अब बहुत कम उम्र में लोगों को हाई बीपी की शिकायत होने लगी है।
इस वजह से होता है बीपी हाई
हाइपरटेंशन के कई कारण हो सकते हैं लेकिन सभी कारण लाइफस्टाइल से ही जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा कारण है हमारा गलत खान-पान, यदि आप बहुत ज्यागा पैकेज्ड और प्रोसेस्ड चीजें खाते हैं तो इससे सोडियम का लेवल बढ़ता हैं जो हाइपरटेंशन का कारण है। पैकेज्ड फूड्स में प्रिजर्वेटिव के तौर पर सोडियम सॉल्ट का इस्तेमाल होता है जिससे ब्लड में इसका लेवल बढ़ता है।
एक्सरसाइज न करना
बहुत से लोगों का कोई एक्सरसाइज रूटीन नहीं होता जिस कारण बॉडी पर गलत असर पड़ता है और यह हाई बीपी के भी कारणों में से एक है।

रेगुलर एल्कोहल लेना या स्मोकिंग करना भी हाई बीपी के कारणों में से एक है। यदि आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस में रहते हैं तो भी आपका बीपी बढ़ता है।
इसके अलावा, बहुत से लोगों के लिए यह जेनेटिक हो सकता है तो ऐसे में कम उम्र से ही बीपी मॉनिटर करें और अपनी खान-पान की आदतों पर ध्यान दें।
ऐसे कंट्रोल करें बीपी
यदि आपका बीपी हाई रहता है तो आपको मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए। इसमें आपको दवाओं के साथ-साथ अपने लाइफस्टाइल पर ध्यान देना होगा। हालांकि, यदि आपकी समस्या ज्यादा नहीं बढ़ी है तो आप सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव करके भी बीपी को कंट्रोल कर सकते हैं। सभी युवाओं को अपनी लाइफस्टाइल को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए ताकि बीपी की परेशानी न हो।
सबसे पहले अपनी दिनचर्या में रेगुलर एक्सरसाइज जैसे योग, वॉक या जॉगिंग आदि को शामिल करें. इसके अलावा, नियमित रूप से समय निकालकर ध्यान यानी मेडिटेशन करें।
नमक पर ध्यान दें
नमक सिर्फ उतना नहीं है जो आप रोटी, सब्जी या दाल आदि में लेते हैं बल्कि सबसे ज्यादा नमक पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसे नमकीन, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक आदि में होता है। अक्सर इन चीजों का सेवन लोग स्नैक्स के रूप में करते हैं लेकिन इनसे शरीर में सोडियम लेवल हाई होता हैं, इसलिए किसी भी तरह का पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड और ड्रिंक लेने से बचें।

इसके बाद, अपने खान-पान पर ध्यान दें। आप दिनभर में क्या खाते हैं, कितनी मील लेते हैं इस पर ध्यान दें।आपको एक बैलेंस्ड मील लेनी चाहिए, बैलेंस्ड मील में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, टोटल फैट, सैचुरेटेड फैट, फाइबर और डाइटरी कॉलेस्ट्रोल शामिल जरुर शामिल होना चाहिए।
