कब, कहां और क्या हो जाएं यह किसी को नहीं पता है, ठीक ऐसे ही आज के बदलते दौर में कब किसको और कहां हार्ट अटैक आ जाएं और जान चली जाएं इसके बारे में भी कुछ कहा नही जा सकता है। दरअसल हाल ही में मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के चंदेरी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया है। एक 24 वर्षीय युवक शाहरुख मिर्जा, जो इलाज के लिए डॉक्टर के घर गया था, अचानक साइलेंट हार्ट अटैक का शिकार हो गया और वहीं उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना एक वीडियो में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
क्या है पूरा मामला
रविवार को शाहरुख मिर्जा को अचानक घबराहट सी महसूस हुई। अगले दिन यानी सोमवार को वह चंदेरी के अस्पताल कैंपस में स्थित डॉक्टर पंकज गुप्ता के घर पर इलाज के लिए पहुंचा। डॉक्टर के आने का इंतजार करते हुए वह अस्पताल परिसर के बाहर लगी बेंच पर बैठ गया। वहां बैठते ही उसे अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया, जिससे वह बेंच से नीचे गिर गया। आस-पास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े और उसे उठाने की कोशिश की। शाहरुख की हालत देखते ही, लोगों ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया, जो उसी परिसर में मौजूद थे।
डॉक्टर का बयान
डॉक्टर पंकज गुप्ता जो मौके पर मौजूद थे, ने शाहरुख की हालत देखते हुए तुरंत उसे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे बचाने के लिए CPR (कार्डियोपल्मनरी रिससिटेशन) देने की कोशिश की। इसके साथ ही ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक उपकरणों का भी उपयोग किया गया, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि ये सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि हमने पूरी कोशिश की, लेकिन शाहरुख की हालत इतनी गंभीर थी कि हम उसे नहीं बचा सके।
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण और कारण
साइलेंट हार्ट अटैक आमतौर पर बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के होता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें हार्ट अटैक के लक्षण काफी माइल्ड होते हैं या पूरी तरह से अनदेखे रह जाते हैं। सामान्यत: हार्ट अटैक के समय छाती में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, या अन्य स्पष्ट संकेत होते हैं, लेकिन साइलेंट हार्ट अटैक में ये लक्षण बहुत हल्के होते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का अधिक होना, कोरोनरी आर्टरी में प्लाक का जमना, और धमनियों में खून का थक्का बनना इस स्थिति के मुख्य कारण होते हैं। जब प्लाक या खून का थक्का हृदय की धमनियों में जम जाता है, तो वह ऑक्सीजन और खून को हृदय तक पहुंचने से रोकता है। यही स्थिति हार्ट अटैक का कारण बनती है।
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचान कैसे करें
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण सामान्य हार्ट अटैक की तुलना में कम स्पष्ट होते हैं। इनमें हल्की सी बेचैनी, सांस लेने में थोड़ी कठिनाई, जबड़े या गर्दन में हल्का दर्द, पेट में हल्का दर्द, और बहुत ज्यादा थकान महसूस करना शामिल हो सकता है। लोग अक्सर इन लक्षणों को नज़रअंदाज कर देते हैं या इसे गैस या सामान्य कमजोरी समझते हैं, लेकिन यह दिल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
डॉक्टर के अनुसार बचाव के तरीके
डॉक्टर पंकज गुप्ता ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खान-पान पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम, और तनाव से बचना हार्ट अटैक से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा अगर कभी भी हल्की सी भी बेचैनी महसूस हो, तो उसे नज़रअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इस घटना का वीडियो
इस दुखद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे शाहरुख अचानक बेंच से नीचे गिर जाते हैं और लोग उनकी मदद के लिए दौड़ते हैं। हालांकि उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि किसी भी कोशिश का कोई फायदा नहीं हो पाया।
साइलेंट हार्ट अटैक के बढ़ते मामले
हाल के समय में साइलेंट हार्ट अटैक के मामलों में इजाफा देखने को मिला है। खासतौर पर युवाओं में इसका प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अस्वस्थ जीवनशैली, धूम्रपान, शराब, और ज्यादा तनाव जैसे कारण इसे और अधिक खतरनाक बना रहे हैं।
परिवार और समाज में शोक की लहर
शाहरुख मिर्जा की अचानक हुई इस मौत से उनका परिवार सदमे में है। 24 साल की उम्र में इस तरह की अप्रत्याशित मौत ने समाज में भी शोक की लहर दौड़ा दी है। शाहरुख का परिवार अब इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है और समाज के लोग उनके समर्थन में खड़े हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हार्ट अटैक किसी भी उम्र में और किसी भी वक्त आ सकता है। इसलिए सेहत का ख्याल रखना और लक्षणों को पहचान कर समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।
