इन दिनों आए दिन कई ऐसे अजीबो-गरीब मामले सामने आते हैं जो काफी हैरान करने वाले होते हैं। दरअसल एक ऐसा ही मामला बिहार के मोतिहारी से सामने आई है, जहां एक युवक ने गुस्से में आकर ऐसा सनसनीखेज कदम उठाया कि उसके परिवार के लोग और डॉक्टर भी हैरान रह गए। मामूली डांट से नाराज़ होकर युवक ने अपने पेट में दो नेल कटर, एक चाकू, एक चाबी का गुच्छा और एक अलग चाबी निगल ली। इस चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय लोगों और डॉक्टरों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
क्या है पूरा मामला
यह अजीबोगरीब घटना मोतिहारी के चांदमारी मोहल्ले की है। युवक जो कि ग्रेजुएशन का छात्र है, को वीडियो गेम खेलने से मना किया गया था। इसी बात से गुस्साए युवक ने यह खतरनाक कदम उठाया। हैरानी की बात यह है कि युवक इन सारी वस्तुओं को निगलने के बाद भी एक दिन तक सामान्य स्थिति में रहा। अगले दिन जब घरवालों ने अलमारी की चाबी खोजनी शुरू की, तो युवक ने खुद यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसने गुस्से में इन सभी वस्तुओं को निगल लिया है।
परिवार की चिंता और अस्पताल में भर्ती
इस खुलासे के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत उसे शहर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर अमित कुमार के पास भर्ती करवाया। डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल युवक का एक्स-रे कराया। एक्स-रे रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि युवक के पेट में वाकई चाकू, नेल कटर और चाबी जैसी धातु की वस्तुएं मौजूद थीं।
डेढ़ घंटे का ऑपरेशन और सफल सर्जरी
डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने बिना देरी किए ऑपरेशन करने का फैसला किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद युवक के पेट से तीन चाबियों का एक गुच्छा, एक अलग चाबी, दो नेल कटर और एक चाकू सुरक्षित निकाल लिए गए। ऑपरेशन के बाद युवक की हालत अब स्थिर है और उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
मानसिक समस्या से पीड़ित है युवक
युवक ने डॉक्टर से बातचीत में बताया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिस कारण उसने यह खतरनाक कदम उठाया। हालांकि डॉक्टर अमित कुमार के अनुसार युवक के मानसिक स्वास्थ्य को देखकर ऐसा नहीं लगता कि उसे कोई गंभीर मानसिक समस्या है। युवक ने डॉक्टर से कहा कि अंकल, मन किया तो मैंने यह सब निगल लिया। उसकी बातचीत और व्यवहार सामान्य प्रतीत हो रहे थे, जिससे यह घटना और भी पेचीदा बन गई।
वीडियो गेम की लत बनी वजह
युवक के माता-पिता का कहना है कि वह वीडियो गेम का आदी हो गया था और इसी लत ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया। वह पहले एक होनहार छात्र था और अपने स्कूल का टॉपर भी रह चुका है, लेकिन हाल के दिनों में उसकी व्यवहार में बदलाव आ गया था।
घटना के सबक और निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि किशोरों में बढ़ती डिजिटल लत कितनी खतरनाक हो सकती है। माता-पिता और शिक्षकों को इस दिशा में सतर्क रहने की जरूरत है कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखें और समय पर उचित सलाह-मशविरा लें। विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने से ऐसी अप्रत्याशित घटनाएं हो सकती हैं।
वहीं इस पूरे मामले में युवक की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना उन सभी के लिए एक चेतावनी है, जो अपने मानसिक स्वास्थ्य या अपने बच्चों की मानसिक स्थिति को हल्के में लेते हैं।
