पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के अस्पतालों को मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) के संभावित मामलों को लेकर सतर्क रहने और तुरंत आइसोलेट करने का निर्देश दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 14 अगस्त को मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था, जिससे इस बीमारी के प्रति सावधानी और बढ़ गई है।
मंकीपॉक्स के लक्षण और कारण
मंकीपॉक्स एक संक्रामक रोग है, जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है। इसके लक्षणों में त्वचा पर चकत्ते, बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, कम ऊर्जा और सूजे हुए लसीका ग्रंथियां शामिल हैं। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकती है, और वायरस कपड़ों, तौलिए या दूषित सतहों पर कुछ समय तक जीवित रह सकता है।
पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को किया अलर्ट
हाल ही में पड़ोसी देश पाकिस्तान में मंकीपॉक्स के मामलों की पहचान के बाद, पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने एक सलाह जारी की है। इस सलाह में कहा गया है, अस्पतालों को संभावित मामलों को आइसोलेट करना चाहिए और सभी संक्रमण नियंत्रण उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। संदिग्ध मरीजों को निर्धारित आइसोलेशन सुविधाओं में स्थानांतरित किया जाना चाहिए और उनके नमूनों को तुरंत परीक्षण के लिए स्वीकृत प्रयोगशालाओं में भेजा जाना चाहिए।
राज्य में मंकीपॉक्स का कोई केस नहीं
पंजाब स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. हितिंदर कौर ने कहा, हमने अपने स्वास्थ्य कर्मियों को मंकीपॉक्स के बारे में अपडेट रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अस्पतालों को पहले ही संभावित मंकीपॉक्स मरीजों को आइसोलेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं ताकि इसके प्रसार को रोका जा सके। फिलहाल राज्य में इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है।
पंजाब के इन अस्पतालों में बैड आरक्षित
विदेशों से वायरस के संभावित वाहकों को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने मोहाली के डॉ. बी. आर. अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS) और अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 15-15 बिस्तर आरक्षित किए हैं। बता दें कि मोहाली और अमृतसर हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य टीमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की विशेष रूप से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इन टीमों को संदिग्ध मामलों को आइसोलेट करने और विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य मंकीपॉक्स के संभावित प्रसार को रोकना और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार रखना है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
