कई देशों में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए, हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित गांधी अस्पताल को तेलंगाना में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मामलों के लिए रेफरल सेंटर के रूप में चुना गया है। अस्पताल ने 14 बिस्तरों वाला एक समर्पित आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया है, जिसमें 7 बिस्तर पुरुषों और 7 बिस्तर महिलाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस कदम के तहत राज्य में मंकीपॉक्स के संभावित मामलों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें प्रबंधित करने की पूरी तैयारी की गई है।
100 RT-PCR टेस्टिंग किट उपलब्ध
तेलंगाना के जन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक बी. रविंदर नायक ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को मंकीपॉक्स के लिए 100 RT-PCR टेस्टिंग किट उपलब्ध कराए हैं, जो अब गांधी अस्पताल की परीक्षण लैब में मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन किसी भी संभावित मामले का जल्दी पता लगाने और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या बताया
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने 19 अगस्त को मंकीपॉक्स के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान डॉ. नायक ने जानकारी दी कि तेलंगाना सरकार ने एहतियात के तौर पर सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और किसी भी मामले का जल्द पता लगाकर आइसोलेट करने और उसका इलाज करने के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं।
क्या है मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, सूजी हुई लिम्फ नोड्स, ठंड लगना और चेहरे से शुरू होकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने वाले चकत्ते शामिल हैं। ये चकत्ते सपाट धब्बों से उठे हुए धब्बों, फिर तरल से भरे फफोलों और अंत में पपड़ी के रूप में बदल जाते हैं।
वहीं तेलंगाना सरकार की यह पहल राज्य को मंकीपॉक्स के प्रकोप से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी अस्पतालों में अलर्ट और जरूरी संसाधन सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
