डेंगू के मामले इस साल तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों में। कर्नाटक, केरल, और तमिलनाडु के बाद अब महाराष्ट्र में भी डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। आने वाले महीनों में उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली में डेंगू के मामलों में तेजी आने की संभावना जताई गई है। इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के नगर निगमों और स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं ताकि डेंगू की रोकथाम और प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

मौजूदा स्थिति पर एक नजर

18 अगस्त 2024 तक देशभर में डेंगू के 76033 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 82 लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल अब तक सबसे ज्यादा मौतें केरल (54) में हुई हैं, जबकि कर्नाटक में 10 और महाराष्ट्र में 12 मौतें हुई हैं। जुलाई तक जहां 59766 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं पिछले 18 दिनों में 16267 नए केस सामने आए हैं। शहरी इलाकों में डेंगू के मामलों का प्रतिशत पिछले वर्षों के मुकाबले बढ़ा है। 2023 में शहरी क्षेत्रों का योगदान 68 प्रतिशत रहा था, जोकि पिछले सालों में 55-58 प्रतिशत था।

दक्षिण के राज्यों में बढ़ते मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने बताया कि इस वर्ष डेंगू के मामलों में असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही है। दक्षिण के राज्यों में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं और अब महाराष्ट्र में भी मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले सितंबर-अक्टूबर में मामलों में और इजाफा हो सकता है, जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह से सतर्क है। राज्यों के नगर निगमों और स्वास्थ्य विभागों से फीडबैक लिया जा रहा है ताकि पता चल सके कि डेंगू से बचाव और उपचार के लिए किस तरह की तैयारियां की जा रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश

मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मामले ज्यादा हैं, वहां दवा का छिड़काव और मच्छर नियंत्रण के अन्य उपाय बड़े स्तर पर किए जाएं। साथ ही टेस्टिंग पर भी जोर दिया गया है ताकि किसी को डेंगू के लक्षण होने पर तुरंत जांच कराई जा सके। अगर समय पर जांच नहीं होती, तो रोग की गंभीरता बढ़ सकती है।

दिल्ली में भी बढ़ा खतरा

दिल्ली में डेंगू के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। 2022 में दिल्ली में 10183 मामले और 9 मौतें हुई थीं, जबकि 2023 में 16866 मामले और 19 मौतें दर्ज की गई थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सितंबर में उत्तर भारत के राज्यों में डेंगू के मामलों में इजाफा हो सकता है। ऐसे में राज्य सरकारों और नागरिकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

डेंगू से बचाव के उपाय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को डेंगू की रोकथाम के लिए जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। डेंगू का मच्छर अक्सर घरों में जमा पानी में पनपता है, इसलिए लोगों को सुनिश्चित करना चाहिए कि घरों में पानी जमा न हो। डेंगू एक तेजी से फैलने वाला संक्रामक और मच्छर जनित वायरल बुखार है। शहरी इलाकों में एडीज मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जो महामारी के रूप में शहरी क्षेत्रों में फैल रहे हैं। ऐसे में देश में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि समय रहते सावधानी बरती जाए और सभी लोग मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपाय अपनाएं।

By tnm

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