दुनियाभर में कई जगहों पर एमपॉक्स के बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने शुक्रवार को लोगों को आश्वस्त किया कि अफ्रीकी देशों में रिपोर्ट किए गए मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) के प्रकोप को लेकर भारत में चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि अब तक देश में एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि एमपॉक्स से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है और बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में मुफ्त परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मंत्री ने दी जानकारी
मंत्री ने जानकारी दी कि एमपॉक्स संक्रमण आमतौर पर स्व-सीमित होता है और इसका प्रभाव दो से चार हफ्तों तक रहता है। अधिकांश मरीज सहायक चिकित्सा देखभाल और प्रबंधन के जरिए ठीक हो जाते हैं। यह बीमारी मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक निकट संपर्क में आने से फैलती है।
हवाई अड्डों पर की गई है स्क्रीनिंग की व्यवस्था
शरण पाटिल ने आज अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद बताया कि हमने एमपॉक्स को लेकर तैयारियों के संबंध में विभागीय बैठक आयोजित की। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय सरकार ने एमपॉक्स के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई है।
विक्टोरिया अस्पताल में मिलेगा फ्री जांच सुविधा
राज्य सरकार ने विक्टोरिया अस्पताल में मुफ्त परीक्षण सुविधाएं स्थापित की हैं ताकि कोई भी संदिग्ध मामला तुरंत परीक्षण के लिए भेजा जा सके। मंत्री ने लोगों से कहा कि कर्नाटक के निवासियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने संक्रमण से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में निगरानी के अलावा, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि एमपॉक्स के प्रसार को रोका जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किये निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एमपॉक्स के लक्षणों की पहचान और नियंत्रण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एमपॉक्स का संक्रमण सामान्यतः हल्का होता है, लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों और छोटे बच्चों के लिए यह गंभीर हो सकता है। इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना और स्वच्छता का पालन करना महत्वपूर्ण है। वहीं कर्नाटक सरकार ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए हैं, जिससे लोगों में सुरक्षा और विश्वास बना रहे।
