दुनिया भर से कई अजीबो-गरीब मामले सामने आते हैं जो काफी हैरान करने वाले होते हैं। एक ऐसी ही चौंकाने वाली घटना बिहार के गोपालगंज से सामने आई है। यहां एक कैदी ने अपने प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक का एक फीट लंबा पाइप डाल लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। दर्द बढ़ने पर कैदी ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे जेल के कर्मचारी हरकत में आ गए। आनन-फानन में कैदी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के जरिए उसकी हालत का पता लगाया। रिपोर्ट में देखा गया कि पाइप मलद्वार से लेकर रीढ़ की हड्डी तक फंसा हुआ था, जो कि करीब एक इंच मोटा था।
पटना रेफर किया गया कैदी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज से कैदी को तुरंत पीएमसीएच (पटना) रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ऑपरेशन कर प्लास्टिक के पाइप को निकाला। फिलहाल कैदी की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि पाइप रीढ़ की हड्डी के पास फंसा हुआ था, जिसे निकालने में काफी सावधानी बरतनी पड़ी।
हत्या के प्रयास के मामले में जेल में था बंद
बता दें कि यह घटना रविवार रात की है। कैदी जो कि बरौली थाना क्षेत्र का रहने वाला है, हत्या के प्रयास के मामले में चनावे मंडल कारा में बंद था। उसने अज्ञात कारणों से अपने मलद्वार में प्लास्टिक का पाइप डाल लिया। उसने खुद से पाइप निकालने की भी कोशिश की, लेकिन असफल रहा। उल्टा पाइप और भी अंदर चला गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। आखिरकार उसने जेल के कर्मियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसे मेडिकल सहायता दी गई।
मेडिकल जांच और ऑपरेशन की प्रक्रिया
सोमवार को पूरे दिन कैदी का इलाज मंडल कारा में ही चला, लेकिन कोई सुधार न होने पर उसे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। अस्पताल प्रशासन ने कैदी के इलाज के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया। एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में साफ दिखा कि कैदी के रीढ़ की हड्डी के पास एक लंबा पाइप फंसा हुआ था। डॉक्टरों ने बताया कि पाइप को निकालने के लिए ऑपरेशन जरूरी था, जो कि सफलतापूर्वक किया गया।
इससे पहले भी सामने आ चुके हैं अजीबोगरीब मामले
इस घटना ने एक बार फिर जेलों में हो रही अजीबोगरीब घटनाओं की तरफ ध्यान खींचा है। इससे पहले भी एक कैदी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल निगल लिया था, जिसे पीएमसीएच में ही इलाज के बाद लेजर तकनीक से बाहर निकाला गया था। इस मामले में भी कैदी ने पाइप क्यों डाला, इस बारे में उसने कोई जानकारी नहीं दी है।
