मानसून के इस मौसम में मच्छर और मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। दरअसल, मानसून में बारिश के कारण हवा में नमी के कारण ज्यादा बैक्टीरिया पनपते हैं। वहीं, जगह-जगह पानी जमा होने के कारण मच्छर ज्यादा पैदा होता है और डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा फैलता है। ऐसे में मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। वयस्कों के मुकाबले घर के छोटे बच्चों को मच्छरों से बचाने की ज्यादा जरूरत होती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो व्यस्कों के मुकाबले छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। आज विश्व मच्छर दिवस मनाया जा रहा है ऐसे में आपको बताते हैं कि छोटे बच्चों को आप मच्छर से कैसे बचा सकते हैं। आइए जानते हैं।
खिड़की पर जाली लगवाएं
कमरे में ज्यादा हवा आए इसके लिए हम अक्सर खिड़कियां को खुली रखती हैं लेकिन इसके कारण हवा के साथ-साथ मच्छर भी कमरे में घुस जाते हैं और डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलाते हैं। कमरे में हवा आए और बीमारियों का खतरा भी न हो इसके लिए खिड़की पर जाली जरुर लगवाएं। जाली का फायदा यह होता है कि इससे कमरे में हवा तो आ जाती है, लेकिन मच्छर दूर रहते हैं। साथ ही, जहां तक संभव हो शाम के समय अपने घर के दरवाजों को भी बंद करके ही रखें।

मच्छर भगाने वाले पौधे लगाएं
घर के अंदर लेमन ग्रास, तुलसी और नीम के पौधे भी जरुर लगाएं। इन पौधों के घर में रहने से मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है।
हल्के रंग के कपड़े पहनाएं
डॉक्टर्स की मानें तो भारतीय घरों में ज्यादातर बच्चों को लाल, पीले और नारंगी रंग के कपड़े ही पहनाए जाते हैं। मच्छर गहरे रंगों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं जो पेरेंट्स मच्छरों को बच्चों से दूर रखना चाहते हैं, उन्हें हमेशा ढीले और हल्के रंग के कपड़े ही पहनने चाहिए। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पेरेंट्स को बच्चों को हमेशा सफेद, स्काई ब्लू और लाइट क्रीम कलर के कपड़े ही पहनाने चाहिए। हल्के रंगों के प्रति मच्छर कम आकर्षित होते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा कम करने में भी मदद मिल सकती है।

मस्कीटो रेप्लेंट लगाएं
मच्छर शाम के समय ज्यादा काटते हैं, ऐसे में यदि अगर आपका बच्चा शाम के समय पार्क या घर के बाहर खेलता है तो मच्छरों से बचाव करने के लिए मस्कीटो रेप्लेंट का इस्तेमाल जरुर करें। डॉक्टर्स का कहना है कि यदि बच्चा 1 से 5 साल के बीच का है और बाहर खेलता-कूदता है, तो उसे ओवर-द-काउंटर मस्कीटो रेप्लेंट न लगाएं। दरअसल, 5 साल तक की उम्र बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक होती है। नाजुक त्वचा पर मच्छर डंक मारते हैं तो इसकी वजह से खुजली और जलन की समस्या हो सकती है। इस उम्र के बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मस्कीटो रेप्लेंट का इस्तेमाल जरुर करें।
पानी जमा न होने दें
बच्चों को मच्छर से बचाने के लिए घर के आसपास पानी जमा होने न दें। गमले, घड़े और बाल्टियों में ज्यादा लंबे समय तक पानी जमा होने न दें। यदि आपके घर में कूलर हैं, तो उसमें फिनाइल की गोली या मिट्टी का तेल डालकर रखें। अगर आपके घर के सामने कोई नाली है जिसमें लंबे समय से पानी है तो उसमें कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें, ताकि मच्छरों की पैदावार होने से रोकी जा सके।

नोट: मच्छरों के काटने पर यदि आपके बच्चे के शरीर पर किसी तरह का लाल निशान नजर आता है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
